Union Budget 2023: निर्मला सीतारमण सीनियर सिटीजंस के लिए टैक्स रिबेट बढ़ा सकती हैं, SBI Research का अनुमान

Budget 2023: इनफ्लेशन और हेल्थ केयर पर बढ़ते खर्च ने सीनियर सिटीजंस की मुश्किल बढ़ा दी है। एसबीआई रिसर्च ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण यूनियन बजट में बैंक डिपॉजिट से इंटरेस्ट इनकम पर टैक्स बेनेफिट बढ़ा सकती हैं

अपडेटेड Jan 24, 2023 पर 11:22 AM
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Budget 2023: फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को यूनियन बजट 2023 पेश करेंगी। यह 2014 के लोकसभा चुनावों से पहले मोदी सरकार का आखिरी पूर्ण बजट होगा।

Union Budget 2023: सीनियर सिटीजंस को यूनियन बजट 2023 (Budget 2023) से बहुत उम्मीद है। बढ़ती महंगाई और हेल्थकेयर कॉस्ट का काफी असर बुजुर्गों पर पड़ा है। खर्च बढ़ने की वजह से उनके हाथ में कम पैसे बच रहे हैं। सीनियर सिटीजंस बैंक डिपॉजिट पर टैक्स छूट बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। अभी यह छूट 50,000 रुपये है। इसे बढ़ाकर 75,000 से 1 लाख रुपये करने की मांग हो रही है। SBI Research ने भी अपनी रिपोर्ट में यह अनुमान जताया है। फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को यूनियन बजट 2023 पेश करेंगी। यह 2014 के लोकसभा चुनावों से पहले मोदी सरकार का आखिरी पूर्ण बजट होगा। इसलिए उम्मीद है कि सरकार यूनियन बजट में सीनियर सिटीजंस के लिए राहत का ऐलान करेगी।

सेक्शन 80TTB के तहत टैक्स छूट की लिमिट बढ़ेगी

SBI Research ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, "अभी सेक्शन 80TTB के तहत सेविंग्स बैंक अकाउंट्स, फिक्स्ड डिपॉजिट्स और रेकरिंग डिपॉजिट अकाउंट्स से 50,000 रुपये तक की इंटरेस्ट इनकम पर सीनियर सिटीजंस को टैक्स छूट हासिल है। इस लिमिट को बढ़ाकर 75,000 से एक लाख रुपये किया जा सकता है।" इस रिपोर्ट में अगले फाइनेंशियल ईयर (2023-24) में फिक्सकल डेफिसिट 6 फीसदी रहने का अनुमान जताया गया है। यह इस फाइनेंशियल ईयर के फिस्कल डेफिसिट से 0.40 फीसदी कम होगा।


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फिस्कल डेफिसिट कम रहने की उम्मीद

अगले फाइनेंशियल ईयर में सब्सिडी पर सरकार का खर्च कम रहने की उम्मीद है। इससे फिस्कल डेफिसिट भी कम रहेगा। सब्सिडी पर सरकार का कुल खर्च अगले फाइनेंशियल ईयर में 3.8 से 4 लाख करोड़ रुपये रहने की उम्मीद है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अगले फाइनेंशियल ईयर में कैपिटल एक्सपेंडिचर में भी करीब 12 फीसदी कमी आने का अनुमान है। इस रिपोर्ट में अगले फाइनेंशियल ईयर में सरकार की बॉरोइंग करीब 11.7 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।

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ग्रॉस बॉरोइंग 16.1 लाख करोड़ रुपये रह सकता है

SBI Research ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, "जहां तक बॉरोइंग का संबंध है तो हमारा मानना है कि सरकार का नेट मार्केट बॉरोइंग करीब 11.7 लाख करोड़ रुपये रह सकता है। रिपेमेंट्स 4.4 लाख करोड़ रुपये रहेगा। ग्रॉस बॉरोइंग 16.1 लाख करोड़ रुपये रहने की उम्मीद है।" इस रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार की निर्भरता फिस्कल डेफिसिट को पूरा करने के लिए स्मॉल सेविंग्स स्कीम पर बनी रहेगी।

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