Budget 2024: सरकार अटल पेंशन योजना (Atal Pension Scheme) को असंगठित सेक्टर के कामगरों के लिए चला रही है। अटल पेंशन योजना में सरकार न्यूनतम पेंशन की गारंटी देती है। अब ऐसी उम्मीद है कि सरकार अटल पेंशन योजना की पेंशन का अमाउंट बढ़ा सकती है। सरकार आने वाले अंतरिम बजट को अटल पेंशन योजना का पैसा बढ़ा सकती है। 1 फरवरी को वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण अंतरिम बजट पेश करेगी।
पेंशन बढ़ाने की है डिमांड
पेंशन कोष नियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) ने सरकार को पत्र लिखकर अटल पेंशन योजना के तहत मिलने वाली पेंशन का अमाउंट बढ़ाने की सिफारिश की है। PFRDA के मुताबिक योजना के तहत मिलने वाला पैसा बढ़ाने की जरूरत है। ऐस उम्मीद है कि सरकार अटल पेंशन के तहत मिलने वाले अधिकतम अमाउंट को 5000 से बढ़ाकर 7,000 रुपये कर सकती है। बढ़ती हुई महंगाई को देखे तो इसे बढ़ाए जानें की जरूरत है। अभी अटल पेंशन योजना में 5.3 करोड़ से अधिक अंशधारक हैं। यानी 5.3 करोड़ लोग इस योजना का लाभ उठा रहे हैं।
सरकार बजट 2015-16 में अटल पेंशन योजना वृद्धावस्था में इनकम की सुरक्षा को देखते हुए लाई थी। सरकार आम लोग खासकर जो असंगठित सेक्टर से जुड़े हैं, उन्हें ज्यादा से ज्यादा सेविंग करने के लिए प्रोत्साहित इस योजना के जरिये कर रही है। असंगठित सेक्टर से जुड़े लोगों को रिटायरमेंट के बाद इनकम न होने से जुडे जोखिम से बचाना भी है। यह योजना पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) चला रहा है।
हर महीना 5,000 रुपये मिलेगी पेंशन
अटल पेंशन योजना के तहत ग्राहकों को 1,000 रुपये से लेकर 5,000 रुपये महीना पेंशन हर महीने मिलती है। न्यूनतम पेंशन का लाभ पर भारत सरकार गारंटी देती है। केंद्र सरकार ग्राहक के योगदान का 50 प्रतिशत या 1,000 रुपये सालाना, जो भी कम हो का योगदान करती है। सरकारी योगदान उन लोगों को दिया जाता है जो किसी वैधानिक सामाजिक सुरक्षा योजना के अंतर्गत नहीं आते हैं और टैक्सपेयर्स नहीं है। योजना के तहत 1,000, 2000, 3,000, 4,000 और 5,000 रुपये पेंशन मिलती है। निवेश भी पेंशन के अमाउंट पर निर्भर करता है। अटल पेंशन योजना 18 से 40 साल की आयु के भारत के सभी नागरिकों के लिए है।