Budget 2024: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज अंतरिम बजट पेश करेंगी। इस बजट से एमएसएमई सेक्टर (MSME Sector) को काफी उम्मीदें हैं। पिछले वर्ष वित्त मंत्री ने केंद्रीय बजट में एमएसएमई के लिए काफी आवंटन बढ़ाया था। पिछले साल की यूनियन बजट के अनुसार एमएसएमई सेक्टर के लिए 22138 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था। एक्सपर्ट्स के अनुसार आवंटन में इस साल भी इजाफा किया जा सकता है। इस सेक्टर करीब 45 फीसदी का हिस्सा एक्सपोर्ट में है तो वहीं 29 फीसदी का हिस्सा जीडीपी में है। साथ ही इस सेक्टर में लोगों को रोजगार भी काफी मिलता है।एक्सपर्ट्स की मानें तो इस सेक्टर की संभावना और बेनिफिट को देखते हुए बजट में सरकार का फोकस इस पर बना रह सकता है।
एमएसएमई सेक्टर ने सरकार से स्पेशल पैकेज की मांग कई बार की है क्योंकि इस सेक्टर में काम करने वाले लोगों का मानना है कि सरकार की मदद से इस सेक्टर में जल्दी ग्रोथ देखने को मिल सकती है। वहीं फेडरेशन ऑफ इंडिया माइक्रो एंड स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज की मानें तो बैंक को लेकर एक एमएसएमई यूजर का अनुभव अच्छा नहीं रहा है। इस संवाद में बैंक का पलड़ा भारी दिखाई पड़ रहा है। दोनों को संबंध बेहतर करने की कोशिश करनी चाहिए क्योंकि एमएसएमई के लिए क्रेडिट का होना बहुत जरूरी है।
रिस्क मिटिगेशन टूल की जरूरत एमएसएमई के कैपिटल फ्लोरिस्ट को कम करने के लिए जरूरी बताई जा रही है। रिस्क मिटिगेशन किट के लिए आप क्रेडिट गारंटी और इंश्योरेंस स्कीम भी शुरू कर सकते हैं। ज्यादातर इंडस्ट्रियल इलेक्ट्रॉनिक ऑटोमोबाइल एंड इलेक्ट्रिकल मशीनरी और केमिकल सेक्टर को उनकी ज्यादा जरूरत पड़ती है। एमएसएमई का ई-कॉमर्स एक्टिव इंगेजमेंट सिर्फ 6 फीसदी है।
दिल्ली के CII के अध्यक्ष और सैमटेल अवायोनिक्स के एमडी और सीईओ पुनीत कोर की मानें तो एमएसएमई सेक्टर मैन्युफैक्चरिंग और रोजगार के सेक्टर में ग्रोथ के लिए बहुत अहम भूमिका निभाता है। लेकिन इस सेक्टर को कभी भी समय पर और सही इंटरेस्ट रेट पर कर्ज नहीं मिल पाता है। इसी वजह से माना जा रहा है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अंतरिम बजट में एमएसएमई सेक्टर के लिए स्पेशल पैकेज का ऐलान कर सकती हैं। इस पैकेज से कर्ज को लेकर आने वाली दिक्कतों का समाधान मिल सकता है।