वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण जुलाई के तीसरे हफ्ते में यूनियन बजट पेश कर सकती हैं। इस बजट से इंडस्ट्री, आम लोगों, किसानों सहित समाज के हर वर्ग को कई उम्मीदें हैं। इसकी वजह यह है कि इस साल 1 फरवरी को पेश अंतरिम बजट में वित्तमंत्री ने कोई बड़ा ऐलान नहीं किया था। उन्होंने कहा था कि बड़े ऐलान के लिए जुलाई में पेश होने वाले फुल बजट का इंतजार करना होगा। इस बीच डेलॉयट ने यूनियन बजट से अपनी उम्मीदों के बारे में बताया है।
बेसिक एग्जेम्प्शन लिमिट 5 लाख हो सकती है
कंसल्टेंसी फर्म Deloitte का कहना है कि सरकार इस महीने पेश होने वाले बजट (Budget 2024) में इनकम टैक्स की बेसिक एग्जेम्प्शन लिमिट (Basic Exemption Limit) को बढ़ा सकती है। अभी इनकम टैक्स की नई रीजीम में बेसिक एग्जेम्प्शन लिमिट 3 लाख रुपये है। ओल्ड रीजीम में 2.5 लाख रुपये है। बेसिक एग्जेम्प्शन लिमिट का मतलब यह है कि अगर किसी व्यक्ति की सालान इनकम इस लिमिट तक है तो उसे इनकम टैक्स नहीं देना होगा। डेलॉयट को उम्मीद है कि सरकार बजट में इनकम टैक्स की नई रीजीम और पुरानी रीजीम के लिए बेसिक एग्जेम्प्शन लिमिट को बढ़ाकर सालाना 5 लाख रुपये कर सकती है। उसने कहा है कि स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ाने से करोड़ों लोगों को फायदा होगा।
हाउस रेंट अलाउन्स के नियमों में बदलाव
वित्तमंत्री को घरों के किराए में पिछले कुछ सालों में हुई वृद्धि को देखते हुए हाउस रेंट अलाउन्स में बदलाव करना चाहिए। अभी सेक्शन 10(13ए) के तहत हाउस रेंट अलाउन्स के प्रावधान दिए गए है। अभी सिर्फ कुछ बड़े शहरों के लिए बेसिक सैलरी के 50 फीसदी एचआरए की इजाजत है। बाकी शहरों के लिए यह 40 फीसदी है। बेसिक सैलरी के 50 फीसदी एचआरए के दायरे में नए शहरों को लाने की जरूरत है। इसकी वजह यह है कि पुछले कुछ सालों में बेंगलुरु, हैदराबाद, नोएडा जैसे शहरों में घरों का किराया बहुत बढ़ा है। इससे बड़ी संख्या में लोगों को फायदा होगा।
घर खरीदारों के लिए सेक्शन 80EEA का डिडक्शन
सरकार को लोगों के अपने घर के सपने को पूरा करने के लिए बजट में बड़े ऐलान करने चाहिए। सरकार ने 2019 में सेक्शन 80ईईए के तहत पहली बार घर खरीदने वाले लोगों के लिए होम लोन के इंटरेस्ट पर 1.5 लाख रुपये तक के डिडक्शन का ऐलान किया था। लेकिन, यह डिडक्शन मार्च 2022 तक ही था। सरकार ने इसे नहीं बढ़ाया है। सरकार फिर से सेक्शन 80ईईए के तहत मिलने वाले डिडक्शन को शुरू कर सकती है।
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इलेक्ट्रिक व्हीकल्स खरीदने पर टैक्स डिडक्शन
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के लिए बजट में बड़ा ऐलान कर सकती हैं। सरकार ने 2030 तक व्हीकल्स की कुल बिक्री में ईवी की हिस्सेदारी 30 फीसदी तक पहुंचाने का टारगेट तय किया है। ईवी की बिक्री बढ़ाने के लिए सरकार ने 2019 में इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80ईईबी के तहत सालाना 1.5 लाख रुपये तक डिडक्शन की इजाजत दी थी। यह डिडक्शन इलेक्ट्रिक कार खरीदने के लिए लिए गए होम लोन के इंटरेस्ट पर मिलता था। यह डिडक्शन मार्च 2023 तक के लिए था। सरकार ने इसकी अवधि नहीं बढ़ाई है। सरकार को फिर से इस डिडक्शन को शुरू करना चाहिए। साथ ही इसे 1.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये करना चाहिए।