Budget 2024: भारत 1 फरवरी को केंद्रीय बजट 2024 का इंतजार कर रहा है। इंश्योरेंस सेक्टर बजट से कई उम्मीदें लगाकर बैठा है। आने वाले चुनावों के कारण यह अंतरिम बजट होगा इसलिए बड़े नीतिगत बदलाव होने की उम्मीद कम है। इंश्योरेंस सेक्टर बजट से काफी उम्मीदें लगाकर बैठा है।
इंश्योरेंस प्रीमियम पर GST रेट
बीडीओ इंडिया में एक्चुरियल सर्विसेज की पार्टनर आशा मुरली ने कहा कि बीमा प्रीमियम पर जीएसटी रेट पर को बजट में फिर विचार करन की उम्मीद है। देश में सामाजिक सुरक्षा उपाय अभी भी विकसित हो रहे हैं। ऐसे में जीएसटी रेट में रियायत मिलने से इस सेक्टर को थोड़ी राहत मिलेगी। हालांकि, बजट में जीएसटी या रेट्स को लेकर कोई भी अहम घोषणा नहीं होती लेकिन ऐसी उम्मीद है कि सरकार इसका रेफरेंस बजट में देंगी। आज के समय में इंश्योरेंस आम लोगों की जरूरत बन चुका है। ऐसे में इसे प्रोत्साहन देने की जरूरत है।
हेल्थ बीमा सेक्टर पर बढ़ाए फोकस
मुरली ने कहा कि इंश्योरेंस सेक्टर पर जीएसटी की दरों को फिर से देखने की जरूरत है और इसमें सुधार इंश्योरेंस सेक्टर को मदद करेगा। हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम के लिए सेक्शन 80D के तहत कटौती की सीमा को व्यक्तियों के लिए 25,000 रुपये से बढ़ाकर 50,000 रुपये और सीनियर सिटीजन के लिए 50,000 रुपये से बढ़ाकर 75,000 रुपये किया जाना चाहिए। हाल के समय में हेल्थ पर खर्च बढ़ा है, तो इस पर मिलने वाली छूट बढ़ने की जरूरत है। सेक्शन 80D के लाभों को नई टैक्स रीजीम में भी जोड़ने की जरूरत है। अभी नए टैक्स रीजीम में मेडिकल इंश्योरेस प्रीमियम पर टैक्स छूट मिलना चाहिए। इस फायदे के बढ़ने से हेल्थ सर्विस पहले से ज्यादा आसान और सभी के लिए उपलब्ध होगी।
हेल्थ बीमा सेक्टर को हैं उम्मीदें
देश में 1 फरवरी को बजट पेश होना। उसके बाद देश में लोकसभा चुनाव होंगे और जो सरकार चुनकर आएगी, फिर देश का पूर्ण बजट पेश करेगी। ऐसे में अंतरिम बजट एक अहम भूमिका चुनावों को देखते हुए निभा सकता है। क्या सरकार बजट में 80D के तहत मिलने वाली टैक्स छूट में बढ़ोतरी करेगी? हेल्थकेयर और इंश्योरेंस सेक्टर को बजट से कई उम्मीदें हैं।