रेलवे से जुड़ी कंपनियों ने सरकार से रेलवे में पूंजीगत खर्च जारी रखने की सलाह दी है। उन्होंने यह भी कहा है कि सरकार को सुरक्षा पर फोकस बढ़ाना चाहिए। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण 23 जुलाई को यूनियन बजट पेश करेंगी। जूपिटर वैगंस के मैनेजिंग डायरेक्टर विवेक लॉ ने कहा है कि सरकार ने अंतरिम बजट में एनर्जी, मिनरल और सीमेंट कॉरिडोर बनाने का ऐलान किया था। सरकार को इसे अपनी प्राथमिकता में शामिल करना चाहिए। तीन इकोनॉमिक कॉरिडोर समय पर पूरे होने से कनेक्टिविटी बढ़ेगी। इससे इकोनॉमिक ग्रोथ को भी मजबूत मिलेगी।
इकोनॉमिक कॉरिडोर पर फोकस बढ़ाना होगा
प्रमुख उद्योग चैंबर PHDCCI सहित कई इंडस्ट्री बॉडीज ने सरकार को रेल-रोड कनेक्टिविटी, IoT, ऑटोमेशन, ब्लॉकचेन, क्लाउड कंप्यूटिंग, एआई और रोबोटिक्स सहित बेहतर टेक्नोलॉजी पर पूंजीगत खर्च बढ़ाने की सलाह दी है। इससे लॉजिस्टिक्स (Logistics) को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। कंसल्टेंसी और ऑडिट कंपंनी डेलॉयट इंडिया के पार्टनर अनुराग गुप्ता ने कहा कि अगर सरकार कार्गो ट्रांसपोर्टेशन मार्केट में रेलवे की 30 फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी चाहती है तो उसे इकोनॉमिक कॉरिडोर पर फोकस बढ़ाना होगा। सरकार ने अंतरिम बजट में इसका ऐलान किया था।
कस्टमाइज्ड लॉजिस्टिक्स सॉल्यूशन ऑफर करने होंगे
गुप्ता ने कहा कि फ्रेट में बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए न सिर्फ क्षमता विकसित करनी होगी बल्कि रेलवे को कई बदलाव करने होंगे। रेलवे को कार्गो मार्केट की जरूरतों के मुताबिक खुद को बदलना होगा। अभी रेलवे खुद को रेल सेवाओं का सप्लायर मानता है। भविष्य में इसे कस्टमाइज्ड लॉजिस्टिक्स सॉल्यूशन ऑफर करने होंगे। इससे फ्रेट में उसे अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने में मदद मिलेगी।
सुरक्षा पर फोकस बढ़ाने की जरूरत
इस साल 1 फरवरी को पेश अंतरिम बजट में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने ग्रॉस बजटरी सपोर्ट के रूप में रेलवे के लिए 1,52,200 करोड़ रुपये का ऐलोकेशन किया था। इसके अलावा उन्होंने एक्स्ट्रा बजटरी रिसोर्सेज में अतिरिक्त 10,000 रुपये का प्रावधान किया था। कैपिटल एक्सपेंडिचर के साथ सरकार ने कोयला और खनिजों की ढुलाई के लिए डेडिकेटेड ट्रैक बनाने का ऐलान किया था। अंतरिम बजट पेश होने के बाद जून में कंचनजगा एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त हुई। इससे रेलवे में सुरक्षा को लेकर फिर से सवाल उठे हैं।
कामकाज के तरीकों में करने होंगे बदलाव
रेल बोर्ड के चेयरमैन अश्विनी लोहानी सहित कई एक्सपर्ट्स ने कहा है कि रेलवे को सुरक्षा को अपनी प्राथमिकता बनानी होगी। लोहानी ने कहा, "कंचनजंगा एक्सप्रेस और इस तरह के पहले हुए हादसों की वजह सिर्फ तकनीकी खराबी या लापरवाही नहीं है। इस तरह के हादसों का संबंध रेलवे में कामकाज के तरीकों से है।" रेलवे से जुड़े एक्सपर्ट्स ने सरकार से रेलवे के एंसिलियरी पार्ट्स के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए PLI स्कीम लाने की भी अपील की।