सरकार यूनियन बजट में मिडिल-क्लास हाउसिंग स्कीम के लिए इंटरेस्ट सबवेंशन का ऐलान कर सकती है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने अंतरिम बजट में इस स्कीम का ऐलान किया था। सूत्रों के मुताबिक हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (हुडको) इस स्कीम का नाम इस स्कीम की नोडल एजेंसियों में शामिल हो सकता है। इस मामले से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि मिडिल क्लास हाउसिंग स्कीम को इंटरेस्ट सबवेंशन स्कीम बनाने के लिए विकल्प की तलाश हो रही है।
अभी तीन वर्गों के लिए हाउसिंग सब्सिडी स्कीम
अभी प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (PMAY-U) के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए एक क्रेडिट-लिंक्ड हाउसिंग सब्सिडी स्कीम है। HUDCO, नेशनल हाउसिंग बैंक (NHB) और SBI इस स्कीम की नोडल एजेंसिया हैं। क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी स्कीम के तहत तीन कैटेगरी में इंटरेस्ट सबवेंशन मिलता है। इनमें EWS, LIG और MIG शामिल हैं। EWS/LIG के मामले में लाभार्थी को 6 लाख रुपये तक के लोन पर 6.5 फीसदी इंटरेस्ट रेट सब्सिडी मिलती है।
मिडिल क्लास के लिए सब्सिडी अमाउंट पर हो रहा विचार
सूत्र ने बताया कि अभी इस बात पर चर्चा चल रही है कि मिडिल क्लास की स्कीम में कितनी सब्सिडी दी जा सकती है और इसकी मैक्सिमम लिमिट क्या होगी। हालांकि, मिडिल क्लास की परिभाषा और इस स्कीम के तहत कारपेट एरिया लिमिट जैसे मसलों पर विचार चल रहा है। EWS के लिए कारपेट एरिया 30 वर्ग मीटर है, जबकि LIG के लिए 60 वर्ग मीटर है। MIG स्कीम 6-12 लाख रुपये और 12-18 लाख रुपये इनकम ग्रुप के लिए है।
पीएमएवाय-यू के तहत अब तक 80 लाख घर बनाए गए
PMAY-U के तहत अब तक 80 लाख घर बनाए गए हैं, जबकि कुल 1.18 करोड़ घरों को मंजूरी मिल चुकी है। केंद्र सरकार ने इस स्कीम के लिए 1.6 लाख करोड़ रुपये जारी किए हैं। इस स्कीम के लिए कुल प्रस्तावित अमाउंट 2 लाख करोड़ रुपये है। पिछले वित्त वर्ष में केंद्र सरकार ने PMAY-U पर 22,103 करोड़ रुपये खर्च किए थे। इस स्कीम के तहत दूसरी स्कीम आने से सरकार का कुल खर्च बढ़ेगा।
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अतिरिक्त 3 करोड़ घर बनाने को कैबिनेट की मंजूरी
यूनियन कैबिनेट की जून में हुई बैठक में PMAY के तहत गांवों और शहरों में अतिरिक्त 3 करोड़ घर बनाने के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली थी। RBI के हाउस प्राइस इंडेक्स के मुताबिक 10 शहरों में घरों की कीमतें FY24 की अंतिम तिमाही में 4.1 फीसदी बढ़ी है। इस दौरान अहमबाद में घरों की कीमतों में 9 फीसदी से ज्यादा वृद्धि हुई है।