Get App

Budget 2024: ऑनलाइन बॉन्ड प्लेटफॉर्म्स ने निर्मला सीतारमण से बॉन्ड्स के इंटरेस्ट पर TDS हटाने की मांग की

एक्सपर्ट्स का कहना है कि फाइनेंस बिल 2023 में सरकार ने इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 193 के क्लॉज (IX) को हटाने का एलान किया था। इस सेक्शन के तहत लिस्टेड बॉन्ड्स के इंटरेस्ट को टीडीएस से छूट मिली हुई थी

MoneyControl Newsअपडेटेड Jul 01, 2024 पर 5:57 PM
Budget 2024: ऑनलाइन बॉन्ड प्लेटफॉर्म्स ने निर्मला सीतारमण से बॉन्ड्स के इंटरेस्ट पर TDS हटाने की मांग की
ऑनलाइन बॉन्ड प्लेटफॉर्म का मतलब ऐसी कंपनियों से है जो बॉन्ड या नॉन-कनवर्टिबल डिबेंचर्स (NCD) निवेशकों खासकर रिटेल निवेशकों को बेचते हैं।

ऑनलाइन बॉन्ड प्लेटफॉर्म प्रोवाइडर्स (ओबीपीपी) ने निर्मला सीतारमण से कॉर्पोरेट बॉन्ड्स पर टीडीएस हटाने की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा है कि सरकार को इन प्लेटफॉर्म्स को आरबीआई के रिटेल डायरेक्ट प्लेटफॉर्म से इंटिग्रेट करना चाहिए। उनका मानना है कि बजट में वित्तमंत्री इसका ऐलान कर सकती हैं। इससे कॉर्पोरेट बॉन्ड मार्केट को मजबूत बनाने के साथ ही छोटे निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ाने में मदद मिलेगी।

टीडीएस की वजह से रिटेल इनवेस्टर्स की दिलचस्पी नहीं

इनक्रेड मनी के सीईओ विजय कुप्पा ने कहा, "कॉर्पोरेट बॉन्ड्स (Corporate Bonds) पर टीडीएस की वजह से रिटेल इनवेस्टर इसमें निवेश में दिलचस्पी नहीं दिखाते हैं। इससे बॉन्ड (Bonds) जारी करने वाले के लिए भी कंप्लायंस बढ़ जाता है। अगर कॉर्पोरेट बॉन्ड्स पर टीडीएस हटा दिया जाता है तो इनमें निवेश में रिटेल निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ सकती है।" एक्सपर्ट्स का कहना है कि इन प्लेटफॉर्म के साथ RBI के रिटेल प्लेटफॉर्म को इंटिग्रेट करने से रिटेल इनवेस्टर्स सीधे सरकारी बॉन्ड्स में निवेश कर सकेंगे।

ओबीपी के जरिए सरकारी बॉन्ड में निवेश की इजाजत मिले

सब समाचार

+ और भी पढ़ें