प्राइवेट इक्विटी फर्मों को निर्मला सीतारमण के बजट से कई उम्मीदें हैं। प्राइवेट इक्विटी फर्म गाजा कैपिटल के को-फाउंडर गोपाल जैन ने कहा कि किसी देश में प्राइवेट इक्विटी इंडस्ट्री की ग्रोथ में घरेलू निवेशकों का बड़ा हात होता है। स्टॉक मार्केट में भारतीय बैंकों, म्यूचुअल फंड कंपनियों और इंश्योरेंस फर्मों की हिस्सेदारी बढ़ी है। लेकिन प्राइवेट इक्विटी के क्षेत्र में अब भी दबदबा विदेशी फर्मों का है। इसकी वजह यह है कि घरेलू कैपिटल सीधे तौर पर घरेलू सेविंग्स से नहीं जुड़ा है। इस बारे में सरकार को सुझाव दिया गया है। इसके लिए रिफॉरम्स की जरूरत है।
मुंबई में भी गिफ्ट सिटी शुरू करने की जरूरत
सरकार ने बजट 2022 (Budget 2022) में एक बड़ा ऐलान किया था। इसे जल्द लागू करने की जरूरत है। सरकार ने घरेलू सेविंग्स का इस्तेमाल करने के लिए फंड ऑफ फंड का ऐलान किया था। इसके अलावा अल्टरनेटिव इनवेस्टमेंट फंड (AIF) में पेंशन फंडों को निवेश की इजाजत देने का लंबे समय से इंतजार है। इसके अलावा गुजरात की गिफ्ट सिटी की तरह मुंबई में भी एक गिफ्ट सिटी शुरू की जा सकती है। बजट 2021 में विदेशी निवेशकों को इंश्योरेंस सेक्टर में 74 फीसदी तक निवेश की इजाजत दी गई थी। लेकिन, इसका ज्यादा असर नहीं पड़ा है।
इंश्योरेंस सेक्टर को अट्रैक्टिव बनाने के हो सकते हैं उपाय
खेतान एंड कंपनी के पार्टनर आकाश चौबे ने कहा कि सरकार इंश्योरेंस सेक्टर को विदेशी निवेशकों के लिए अट्रैक्टिव बनाने के उपायों का ऐलान बजट में कर सकती है। उन्होंने कहा कि इंश्योरेंस सेक्टर को सरकार ने काफी हद तक ओपन किया है। लेकिन, इसमें ग्लोबल फंडों की दिलचस्पी नहीं दिखी है। उन्होंने कहा कि सरकार को डिफेंस सेक्टर पर भी ध्यान देने की जरूरत है। इस साल 1 फरवरी को पेश अंतरिम बजट में एफडीआई की सीमा और विदेश में लिस्टिंग के बारे में कोई ऐलान नहीं किया गया था।
कैपिटल गेंस टैक्स के नियमों में बदलाव जरूरी
ईवाय इंडिया प्राइवेट इक्विटी लीडर के विवेक सोनी ने कहा कि प्राइवेट इक्विटी और वेंचर कैपिटल समुदाय को यूनियन बजट से कई उम्मीदें हैं। उन्होंने कहा कि इसमें कैपिटल गेंस टैक्स के नियमों में बदलाव की उम्मीद शामिल है। अभी अलग-अलग एसेट्स के कैपिटल गेंस टैक्स के रेट्स अलग-अलग है। अलग-अलग एसेट्स के लिए होल्डिंग पीरियड भी अलग-अलग है। इसे तर्कसंगत बनाने की जरूरत है। इसके अलावा एंजेल टैक्स को भी हटाने की जरूरत है। हालांकि, संकेत है कि सरकार बजट में एंजेल टैक्स के बारे में कोई बदलाव नहीं करेगी।