Budget 2024 : वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण से जीएसटी और कस्टम ड्यूटी में रियायत चाहती है स्पेस टेक इंडस्ट्री

Interim Budget 2024 : एक्सपर्ट्स का कहना है कि स्पेस टेक इंडस्ट्री अभी शुरुआती चरण में है। इसलिए इसे सरकार की मदद की जरूरत है। खासकर इसे टैक्स के मामले में रियायत चाहिए। इंडस्ट्री को उम्मीद है कि वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण अंतरिम बजट में उसकी मांगें पूरी कर सकती हैं

अपडेटेड Jan 30, 2024 पर 10:34 AM
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Budget 2024 : स्पेस टेक इंडस्ट्री का कहना है कि विदेशी निवेशकों ने इस सेक्टर में निवेश करने में दिलचस्पी दिखाई है। इस सेक्टर के लिए एफडीआई की पॉलिसी आने से काफी विदेशी निवेश हो सकता है।

Union Budget 2024 : स्पेस टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री ने पिछले कुछ सालों में अच्छी ग्रोथ दिखाई है। इस इंडस्ट्री को वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) के यूनियन बजट (Union Budget) से कई उम्मीदें हैं। हालांकि, यह अंतरिम बजट (Interim Budget) होगा। पूर्ण बजट जुलाई में आने की उम्मीद है। अप्रैल-मई में लोकसभा चुनाव होने वाले हैं। इसके बाद जो नई सरकार बनेगी वह वित्त वर्ष 2024-25 का पूर्ण बजट पेश करेगी। स्पेस टेक इंडस्ट्री का मानना है कि अगर सरकार सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल और ग्राउंड इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग को जीएसटी में रियायत देती है तो इससे इस इंडस्ट्री की ग्रोथ की रफ्तार बढ़ सकती है। इस सेक्टर में कई स्टार्टअप्स अच्छा काम कर रहे हैं। उन्हें सरकार की मदद की जरूरत है।

बजट 2024 में टैक्स में रियायत के ऐलान की उम्मीद

इंडियन स्पेश एसोसिएशन (ISpA) का कहना है कि सरकार अंतरिम बजट में स्पेस सेक्टर से जुड़ी कंपनियों के लिए टैक्स छूट का ऐलान कर सकती है। इन कंपनियों के लिए विदेश से कर्ज जुटाने के नियमों को आसान बनाया जा सकता है। अभी सैटेलाइट सेक्टर पर विदहोल्डिंग टैक्स 10 फीसदी है। इसे घटाकर 2 फीसदी किया जा सकता है। इस सेक्टर से जुड़ी कंपनियों का कहना है कि उनका प्रॉफिट मार्जिन ज्यादा नहीं है। ऐसे में अगर सरकार की तरफ से टैक्स में रियायत मिलती है तो इससे उन्हें काफी फायदा होगा।


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प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के लिए एफडीआई पॉलिसी की जरूरत

स्पेस टेक इंडस्ट्री का कहना है कि विदेशी निवेशकों ने इस सेक्टर में निवेश करने में दिलचस्पी दिखाई है। कंपनियों को स्पेस सेक्टर में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को लेकर सरकार की पॉलिसी का काफी समय से इंतजार है। अगर सरकार अनुकूल एफडीआई पॉलिसी पेश करती है तो इस सेक्टर में विदेशी निवेश होगा। इससे इस सेक्टर का तेजी से विस्तार हो सकता है। कंपनियों का यह भी कहा है कि चूंकि इस सेक्टर में टेक्नोलॉजी का बहुत इस्तेमाल है, जिससे कई इक्विपमेंट का आयात करना पड़ता है। अगर सरकार ऐसे इक्विपमेंट पर कस्टम ड्यूटी में रियायत देती हैं तो इससे इस इंडस्ट्री को काफी मदद मिलेगी।

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विकास के शुरुआती चरण में है स्पेस टेक इंडस्ट्री

एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकार उन सेक्टर पर फोकस बढ़ा रही है, जो अभी विकास के शुरुआती चरण में हैं। स्पेस टेक्स सेक्टर ऐसा ही सेक्टर है। इसलिए सरकार का फोकस इस सेक्टर पर बढ़ने की उम्मीद है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण इस सेक्टर के लिए बजट में ऐलान कर सकती हैं। खासकर टैक्स के मामले में इस सेक्टर की कंपनियों को राहत मिल सकती है।

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