टाटा प्रोजेक्ट्स ने सरकार को यूनियन बजट में प्राइवेट कैपिटल एक्सपेंडिचर बढ़ाने के लिए उपाय करने की सलाह दी है। इससे इंडिया को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी बनने में मदद मिलेगी। टाटा प्रोजेक्ट्स के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ विनायक पई ने कहा कि प्राइवेट सेक्टर के कैपिटल एक्सपेंडिचर बढ़ाने से ग्रोथ की रफ्तार तेज होगी। सरकार ने अपना पूंजीगत खर्च बढ़ाया है। इसके अच्छे नतीजें दिखे हैं। अब सरकार को प्राइवेट कैपिटल एक्सपेंडिचर बढ़ाने के उपाय करने चाहिए। वित्तमंत्री निर्मला सीतारम 23 जुलाई को फाइनेंशियल ईयर 2024-25 का फुल बजट पेश करेंगी।
सेमीकंडक्डक्टर्स, इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में प्राइवेट इनवेस्टमेंट बढ़ाना होगा
पई ने मनीकंट्रोल को बताया, "सरकार को सेमीकंडक्टर्स (Semiconductors), इलेक्ट्रॉनिक्स (Electronics) और डेटा सेंटर्स (Data Centres) जैसे सेक्टर में प्राइवेट पूंजीगत खर्च को बढ़ावा देने के उपाय करने चाहिए।" उन्होंने सरकार को सीमेंट पर जीएसटी के रेट में कमी करने की भी सलाह दी। अभी सीमेंट पर 28 फीसदी जीएसटी लगता है। उन्होंने कहा, "कंस्ट्रक्शन सेक्टर के लिए सीमेंट पर 28 फीसदी जीएसटी चैलेंज बना हुआ है।" उन्होंने सरकार को इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स से जुड़े विवादों के समाधान की व्यवस्था में सुधार करने की सलाह दी।
बैंक गारंटी की जगह स्योरिटी बॉन्ड्स के इस्तेमाल की सलाह
टाटा प्रोजेक्ट्स के एमडी ने कहा, "अभी कंस्ट्रक्शन सेक्टर में निश्चित रूप से लिक्विडिटी एक मसला है। सरकार बेहतर प्रोजेक्ट डेफिनेशन और बेहतर डीपीआर के लिए कोशिश कर सकती है। इससे पूरे होने के कुछ साल बाद प्रोजेक्ट्स में बदलाव करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।" उन्होंने कहा कि सरकार बैंक गारंटी की जगह स्योरिटी बॉन्ड्स की शुरुआत कर सकती है। इससे कंस्ट्रक्शन कंपनियों के लिए प्रोजेक्ट पूरा करना आसान हो जाएगा।
रिन्यूएबल एनर्जी में निवेश बढ़ाने के उपाय करने होंगे
पई ने कहा कि सरकार ने इस साल 1 फरवरी को पेश अंतरिम बजट में सड़क और रेलवे पर ज्यादा निवेश जारी रखने के संकेत दिए थे। सरकार को इसके अलावा ग्रीन एनर्जी और पावर सेक्टर में भी पब्लिक एक्सपेंडिचर बढ़ाने के उपाय करने होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार पावर सिक्योरिटी का महत्व समझती है। उसे यह भी पता है कि रिन्यूएबल एनर्जी पर फोकस बढ़ाना क्यों जरूरी है। इसलिए इस महीने पेश होने वाले बजट में एनर्जी ट्रांजिशन और एनर्जी सिक्योरिटी पर सरकार का फोकस बढ़ सकता है।
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आईपीओ पर विचार कर रही है टाटा प्रोजेक्ट्स
टाटा प्रोजेक्ट्स के आईपीओ के बारे में उन्होंने कहा कि कंपनी के फाइनेंशियल ईयर 2023-24 में प्रॉफिट में आ जाने के बाद आईपीओ को लेकर चर्चा शुरू हुई है। हालांकि, आईपीओ से पहले कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन बेहतर होना जरूरी है। टाटा प्रोजेक्ट्स ने FY21 की पहली तिमाही में 10,365.15 लाख प्रॉफिट कमाया था। लेकिन, उसके बाद के दो सालों में कंपनी लॉस में चली गई। कंपनी फिर से FY24 में प्रॉफिट में आ गई है।