Budget 2024-25: केंद्र सरकार लोअर मिडिल क्लास वर्ग को आगामी बजट में तोहफा दे सकती है। इस मामले से वाकिफ कई सरकारी अधिकारियों ने मनीकंट्रोल को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार खपत को बढ़ावा देने के लिए इनकम टैक्स स्लैब (Income Tax Slab) में बदलाव कर सकती है। सरकार का मानना है कि टैक्स में राहत मिलने से लोगों के पास अधिक बचत होगी, जिसका इस्तेमाल वह अन्य चीजों को खरीदने में करेंगे। इससे देश में खपत बढ़ेगी और पहले से मजबूत जीडीपी ग्रोथ को और रफ्तार मिलेगी। बता दें सरकार जुलाई के दूसरे पखवाड़े में बजट 2024-25 को पेश करेगी।
एक अधिकारी ने बताया कि सरकार आगामी बजट में इनकम टैक्स स्लैब से छूट की सीमा को 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने पर विचार कर रही है। यह बदलाव केवल नई टैक्स व्यवस्था के तहत आयकर रिटर्न दाखिल करने वाले लोगों पर ही लागू होगा। इसका उद्देश्य कम आय वाले लोगों के हाथों में खर्च के लिए अधिक पैसे छोड़ना है।
यहां ये बताना जरूरी है कि इस बारे में अंतिम फैसला बजट की तारीख करीब आने पर लिया जाएगा। सरकार ने सबसे पहले Budget 2020 में नई टैक्स व्यवस्था का सिस्टम लागू किया था। इस टैक्स व्यवस्था की दरें, पुराने टैक्स व्यवस्था से कम है। हालांकि इसमें टैक्सपेयर्स को टैक्स में कई तरह के डिडक्शन और छूट का लाभ नहीं मिलता है। आयकर रिटर्न भरते समय टैक्सपेयर्स के सामने नई और पुरानी दोनों में से किसी एक टैक्स व्यवस्था को चुनने का विकल्प होता है।
पुरानी टैक्स व्यवस्था के तहत, टैक्सपेयर्स को इनकम टैक्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत कई तरह के निवेश, इंश्योरेंस, हाउस अलाउंस और लीव ट्रैवल अलाउंस आदि पर टैक्स में छूट मिलता है।
एक दूसरे अधिकारी ने बताया इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों ने नई टैक्स व्यवस्था के तहत इनकम टैक्स स्लैब की अधिकतम दर को 30 प्रतिशत से घटाकर 25 प्रतिशत करने का अनुरोध किया है। हालांकि इस मांग पर सरकार की ओर से विचार किए जाने की संभावना नहीं है।
अधिकारी ने कहा, "आयकर स्लैब की ऊपरी सीमा में बदलाव की संभावना नहीं है, क्योंकि फिलहाल निम्न आय वर्ग के लोगों के लिए खपत को बढ़ावा देने की आवश्यकता है।" उन्होंने कहा कि पुरानी टैक्स स्लैब की दरों में भी बदलाव पर विचार किए जाने की संभावना नहीं है।