Budget 2024: लोकसभा चुनाव 2024 से पहले ये इस सरकार का वित्त वर्ष 2024-25 के लिए अंतरिम बजट है। इस अंतरिम बजट पर करोड़ों लोगों की उम्मीदें भी टिकी हुई हैं। वहीं टैक्सपेयर्स का भी एक हिस्सा है जो बजट 2024 से काफी उम्मीदें लगाए हुए हैं। आयकर एक ऐसे हिस्सा है जिस पर हर सेक्टर के लोगों की नजरें रहती हैं। हर कोई उम्मीद करता है कि आयकर के लिए बेसिक एग्जेंप्शन लिमिट बढ़ाया जाए और दूसरी सेक्शन 80C की लिमिट बढ़ाई जाए।
टैक्सपेयर्स को उम्मीद है कि अंतरिम बजट होने के बावजूद वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण सेक्शन 80C के तहत कुछ राहत दे सकती हैं, जैसे कि 2019 के अंतरिम बजट में रिबेट की लिमिट बढ़ाकर दी गई थी।इस साल अप्रैल-मई में लोकसभा चुनावों के बाद केंद्र में जो नई सरकार बनेगी, वह जुलाई में पूर्ण बजट पेश करेगी। सेक्शन 80C की लिमिट बढ़ाए जाने की उम्मीद के पीछे वजह है कि महंगाई में इजाफे के साथ खर्चे भी बढ़ रहे हैं। फिर चाहे वह इंश्योरेंस का प्रीमियम हो, घर खरीद की लागत हो, बच्चों की पढ़ाई का खर्च हो। बढ़े हुए खर्चों के चलते टैक्स पर ज्यादा राहत के लिए सेक्शन 80C की लिमिट बढ़ाया जाना जरूरी जान पड़ता है।
हालांकि एक्सपर्ट्स का मानना है कि बजट में सेक्शन 80C के तहत डिडक्शन की लिमिट बढ़ाए जाने की संभावना बहुत ज्यादा नहीं है। वहीं इस सेक्शन का लाभ केवल पुरानी आयकर व्यवस्था में ही उठाया जा सकता है। नई आयकर व्यवस्था अपनाने वाले सेक्शन 80C के तहत उपलब्ध डिडक्शंस का फायदा नहीं ले सकते हैं।
सेक्शन 80C के तहत अधिकतम 1.5 लाख रुपये निवेश कर टैक्स डिडक्शन क्लेम कर सकते हैं । इस सेक्शन का फायदा व्यक्तिगत करदाताओं और हिंदू अनडिवाइडेड फैमिली (HUFs) के लिए है। सेक्शन 80C के अंतर्गत टैक्स डिडक्शन का फायदा पाने के लिए जीवन बीमा प्रीमियम, ELSS, EPF कंट्रीब्यूशन, VPF कॉन्ट्रीब्यूशन, LIC के एन्युइटी प्लान में कॉन्ट्रीब्यूशन, NPS में निवेश, पोस्ट ऑफिस स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स, PPF, टैक्स सेवर FD, सुकन्या समृद्धि स्कीम, Ulip, बच्चों की ट्यूशन फीस, नाबार्ड बॉन्ड और होम लोन के प्रिंसिपल अमाउंट का रिपेमेंट आता है। सेक्शन 80C, 80CCC और 80CCD (1B) के तहत कुल मिलाकर 1.5 लाख रुपये से ज्यादा के टैक्स डिडक्शन का लाभ नहीं लिया जा सकता है।