Budget 2024-25: बैंकबाजार ने मिडिल क्लास को टैक्स में राहत देने की मांग की, कहा-18 लाख इनकम पर लगना चाहिए 30% टैक्स

Budget 2024 Announcements: इस बार यूनियन बजट से पहले मिडिल क्लास को इनकम टैक्स में राहत की मांग काफी मजबूत है। एक्सपर्ट्स का भी कहना है कि सरकार की वित्तीय सेहत पहले के मुकाबले काफी अच्छी है। ऐसे में मिडिल क्लास को टैक्स में राहत देने में उसे किसी दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा

अपडेटेड Jul 21, 2024 पर 9:51 PM
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India Budget 2024: अभी इनकम टैक्स की ओल्ड रीजीम में 10 लाख रुपये से ज्यादा इनकम पर 30 फीसदी टैक्स लगता है।

यूनियन बजट से पहले मिडिल क्लास को इनकम टैक्स में राहत की मांग बढ़ रही है। अब बैंकबाजार ने इनकम टैक्स में राहत की मांग की है। उसका कहना है कि इनकम टैक्स की ओल्ड रीजीम में 30 फीसदी टैक्स 18 लाख और इससे ज्यादा की इनकम पर लगाई जाए। इससे मिडिल क्लास को काफी राहत मिलेगी। इससे पहले सीआईआई और पीएडीसीसीआई जैसे उद्योग चैंबर्स के साथ कई टैक्स एक्सपर्ट्स ने सरकार को मिडिल क्लास टैक्सपेयर्स पर टैक्स का बोझ घटाने की सलाह दी थी। उनका मानना है कि पिछले कुछ सालों में इनफ्लेशन के असर को देखा जाए तो पैसे की वैल्यू काफी घटी है। ऐसे में मिडिल क्लास को टैक्स में राहत मिलनी चाहिए।

अभी 10 लाख से ज्यादा इनकम पर 30 फीसदी टैक्स

अभी इनकम टैक्स की ओल्ड रीजीम में 10 लाख रुपये से ज्यादा इनकम पर 30 फीसदी टैक्स लगता है। यह रेट 10 साल से ज्यादा समय से चला आ रहा है। इस बीच पैसे की वैल्यू काफी घटी है। 10 साल पहले की 10 साल की जो वैल्यू थी वह आज घटकर 5 लाख रुपये से थोड़ी ज्यााद रह गई है। इसका मतलब है कि टैक्सपेयर्स को इनकम का काफी हिस्सा टैक्स में चुकाना पड़ रहा है। बैंक बाजार ने कहा है कि सरकार को 20 फीसदी और 30 फीसदी टैक्स रेट में बदलाव करने की जरूरत है। इससे मिडिल क्लास को काफी राहत मिलेगी।


रामदेव अग्रवाल ने भी की है टैक्स में राहत की मांग

उधर, मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के चेयरमैन रामदेव अग्रवाल ने भी मिडिल क्लास और कम इनकम वाले लोगों को टैक्स में राहत देने की सलाह सरकार को दी है। सीएनबीसी-आवाज से बातचीत में अग्रवाल ने कहा कि सरकार को सालाना 12 लाख रुपये तक इनकम वाले लोगों पर टैक्स का रेट जीरो कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे एक तरफ मिडिल क्लास और कम इनकम ग्रुप के लोगों को राहत मिलेगी तो दूसरी तरफ कंजम्प्शन डिमांड बढ़ाने में मदद मिलेगी।

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डिडक्शन भी बढ़ाने की जरूरत

बैंकबाजार की रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार को सेक्शन 80सी के तहत मिलने वाले डिडक्शन को भी बढ़ाकर कम से कम 2 लाख रुपये करनी चाहिए। अभी इस सेक्शन के तहत इनकम टैक्स की ओल्ड रीजीम में सालाना 1.5 रुपये तक के डिडक्शन की इजाजत है। सेक्शन 80सी के तहत कम से कम एक दर्जन इनवेस्टमें इंस्ट्रूमेंट्स आते हैं। दो बच्चों की ट्यूशन फीस और लाइफ इंश्योरेंस स्कीम के प्रीमियम पर डिक्शन भी इसी सेक्शन के तहत आता है। रिपोर्ट में सेक्शन 80डी के तहत हेल्थ पॉलिसी पर डिक्शन को बढ़ाने की भी सलाह दी गई है।

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