Budget 2024: अब कुछ ही घंटों में मोदी सरकार का बजट पेश होने वाला है। ये बजट मोदी सरकार के तीसरे टर्म का पहला पूर्ण बजट है। इससे पहले सरकार ने 1 फरवरी को अंतरिम बजट पेश किया था। साल का शुरुआत में पेश हुए अंतरिम बजट में भी टैक्सपेयर्स 80C की लिमिट बढ़ाए जाने की मांग कर रहे थे। ये डिमांड आज पेश होने वाले बजट से भी है। अगर सूत्रों की मानें तो वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण बजट में 80C की लिमिट बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर सकती है। अब देखना होगा कि टैक्पेयर्स को बजट से क्या छूट मिल सकती है।
क्या है इनकम टैक्स में सेक्शन 80?
ज्यादातर टैक्सपेयर्स अपने पसंदीदा टैक्स सेविंग विकल्प के रूप में सेक्शन 80C को चुनते हैं। इनकम टैक्स अधिनियम 1961 की धारा 80C के तहत, यदि व्यक्ति पुरानी टैक्स रीजीम का विकल्प चुनते हैं, तो वे वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए अधिकतम ₹1.5 लाख की कटौती का लाभ उठा सकते हैं। जो लोग नई टैक्स रीजीम चुनते हैं, वे इस कटौती का फायदा नहीं ले सकते।
10 साल बाद बढ़ेगी 80C की लिमिट?
धारा 80C के तहत टैक्सपेयर्स को अधिकतम ₹1.5 लाख की टैक्स कटौती की अनुमति है। हालांकि, टैक्सपेयर्स एक या अधिक सेविंग में निवेश कर सकते हैं। अपना टैक्स इसके जरिये बचा सकते हैं। अब ऐसी उम्मीद है कि तीसरे टर्म के पहले बजट में सरकार 80C की लिमिट बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर सकती है।
2014 में बढ़ाई गई थी 80C की लिमिट
2014 में तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सेक्शन 80C की बेनेफिट लिमिट को बढ़ाकर ₹1.5 लाख सालाना कर दिया था। यह बदलाव सरकार के पहले बजट में दी गई प्रमुख राहत में से था। हालांकि, तब से 80C लिमिट में कोई बदलाव नहीं हुआ है। 2014 में आखिरी बढ़ोतरी के बाद से 10 साल से 80C की सीमा जस की तस बनी हुई है। हर साल कई टैक्सपेयर्स को उम्मीद होती है कि वित्त मंत्री केंद्रीय बजट 2024 में धारा 80C की सीमा बढ़ाएगी। कई लोगों का मानना है कि इनकम और लागत के अनुरूप 80C की सीमा नहीं बढ़ी है, जिसके कारण कई टैक्सपेयर्स पूरी 80C लिमिट का इस्तेमाल टैक्स बचाने के लिए करते हैं।
क्यों बढ़नी चाहिए 80C की लिमिट?
किसी व्यक्ति की टैक्स योग्य आय की गणना उसकी कुल इनकम से 80C कटौती को घटाकर की जाती है। धारा 80C कटौती सीमा में कोई भी बदलाव सीधे किसी व्यक्ति की टैक्स योग्य इनकम पर असर करता है, जिसका सीधा फायदा टैक्सपेयर्स को मिलेगा। कई लोगों की लागत बढ़ गई है, वेतन बढ़ गया है, लेकिन धारा 80C के लाभ में कोई वृद्धि नहीं हुई है। इस कारण कई लोग 80C का पूरा फायदा उठाते हैं। इसीलिए हर साल बजट से पहले टैक्सपेयर्स के लिए धारा 80C में सीमा बढ़ाना हमेशा पहली प्राथमिकता होती है।