भारत के वाणिज्य मंत्रालय (Ministry of Commerce) ने अपना 100 दिनों का एजेंडा तैयार कर लिया है। इस एजेंडे में फॉरेन ट्रेड एग्रीमेंट्स पर बातचीत करने के लिए दिशा-निर्देशों या स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) को अंतिम रूप देना और ओमान के साथ प्रस्तावित FTA के लिए बातचीत को अंतिम रूप देना शामिल है। यह बात एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कही है। भारत-ओमान व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (CEPA) पर बातचीत काफी हद तक क्लोज हो चुकी है।
अधिकारियों का लक्ष्य पहले अप्रैल-मई 2024 में होने वाले लोकसभा चुनावों से पहले इस सौदे पर हस्ताक्षर करना था। लेकिन दोनों पक्षों ने अभी तक प्लास्टिक उद्योग में मुख्य रूप से इस्तेमाल किए जाने वाले कुछ पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स पर सीमा शुल्क रियायतों के मुद्दों को हल नहीं किया है।
SOP भविष्य की बातचीत के लिए बन सकते हैं मानदंड
दूसरी ओर FTA वार्ता पर प्रस्तावित SOP, पिछले व्यापार सौदे से प्राप्त अनुभवों के आधार पर भारतीय निगोशिएटर्स के लिए भविष्य की बातचीत के लिए मानदंडों का भंडार हो सकते हैं। इसमें व्यापार सौदों में महत्वपूर्ण होते जा रहे जेंडर और पर्यावरण जैसे नए और उभरते मुद्दों पर दिशानिर्देश भी शामिल हो सकते हैं। इससे निगोशिएटर्स को इन क्षेत्रों में विशेषज्ञता हासिल करने में मदद मिलने की उम्मीद है। FTA की बात करें तो वाणिज्य मंत्रालय ने 14 जून को कहा कि ब्रिटेन में आम चुनाव समाप्त होने के बाद ब्रिटेन के साथ व्यापार समझौते से जुड़े लंबित मुद्दों का समाधान किया जाएगा।
100 दिवसीय एजेंडे में कुछ अन्य चीजों के तहत विशेष आर्थिक क्षेत्रों (SEZs) को घरेलू बाजार में बिक्री की इजाजत देना और एक व्यापक ट्रेड इनफॉरमेशन प्लेटफॉर्म शुरू करना शामिल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार ने 9 जून को कार्यभार संभालने के 100 दिनों के अंदर लागू किए जाने वाले नीतिगत उपायों की सूची बनाई है।