Economic Survey 2023: अर्थव्यवस्था की गुलाबी तस्वीर पेश करता है आर्थिक सर्वे, जानिए इसमें क्या कहा गया है

Economic Survey 2023: फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने 31 जनवरी को बजट सत्र के पहले दिन इकोनॉमिक सर्वे पेश किया। इसमें जल्द महंगाई से राहत मिलने की उम्मीद जताई गई है। अगले वित्त वर्ष में ग्रोथ 6.5 फीसदी रहने का अनुमान जताया गया है। दुनिया में दूसरी किसी बड़ी इकोनॉमी की ग्रोथ अगले वित्त वर्ष में इतनी रहने की उम्मीद नहीं है

अपडेटेड Jan 31, 2023 पर 5:27 PM
Story continues below Advertisement
ECONOMIC SURVEY 2023: इनफ्लेशन के अगले फाइनेंशियल ईयर यानी 2023-24 में 6 फीसदी से नीचे रहने की उम्मीद है। यह RBI के लिए अच्छी खबर है, क्योंकि रिटेल इनफ्लेशन को वह 6 फीसदी से ऊपर नहीं जाने देना चाहता है।

Economic Survey 2023: फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने 31 जनवरी (मंगलवार) को इकोनॉमिक सर्वे (Economic Survey) संसद में पेश कर दिया। इसमें इंडियन इकोनॉमी की ग्रोथ को लेकर अनुमान लगाया गया है। अर्थव्यवस्था के बारे में कई अहम जानकारियां इसमें हैं। लेकिन, इसमें सबसे बड़ी बात इकोनॉमिक रिकवरी के बारे में कही गई है। कहा गया है कि इकोनॉमी कोरोना के मुश्किल दौर से बाहर निकल चुकी है। इनफ्लेशन (Inflation) के घटने की उम्मीद जताई गई है। बताया गया है कि विदेशी मुद्रा भंडार (Forex) को लेकर चिंता की कोई बात नहीं है। यह करेंट अकाउंट डेफिसिट (CAD) की भरपाई के लिए पर्याप्त है। इसमें कहा गया है कि कंपनियों, एनबीएफसी और बैंकों की बैलेंसशीट बेहतर हुई है। इकोनॉमी में कर्ज की मांग बढ़ी है। कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि इसमें इंडियन इकोनॉमी की गुलाबी तस्वीर पेश की गई है।

अगले फाइनेंशियल ईयर में 6.5% रहेगी GDP ग्रोथ

सबसे पहले हम इकोनॉमिक ग्रोथ की बात करते हैं। आर्थिक सर्वे में अगले फाइनेंशियल ईयर में इकोनॉमी की ग्रोथ 6-6.8 फीसदी के बीच रहने का अनुमान जताया गया है। ग्रोथ का बेसलाइन फोरकास्ट 6.5 फीसदी है। इस फाइनेंशियल ईयर में जीडीपी ग्रोथ 7 फीसदी रहने की उम्मीद जताई गई है। ग्रोथ का यह अनुमान पूरी दुनिया में इंडिया को अलग खड़ा करता है। इसकी वजह यह है कि जब अमेरिका, इंग्लैंड और यूरोप जैसी बड़ी इकोनॉमी ग्रोथ के लिए संघर्ष कर रही हैं तब इंडियन इकोनॉमी अच्छी रफ्तार से आगे बढ़ रही है।

बजट 2023 आने में बाकी हैं सिर्फ 1 दिन, इसकी खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें


विदेशी मुद्रा भंडार को लेकर चिंता नहीं

विदेशी मुद्रा भंडार के बारे में चिंता दूर करने की कोशिश की गई है। आर्थिक सर्वे में कहा गया है कि देश का विदेशी मुद्रा भंडार पर्याप्त है। यह करेंट अकाउंट डेफिसिट को पूरा करने में सक्षम है। यह भी कहा गया है कि RBI के लिए डॉलर के मुकाबले रुपये में तेज गिरावट की स्थिति में घरेलू करेंसी को संभालने के लिए विदेशी मुद्रा भंडार के इस्तेमाल की गुंजाइश है।

जल्द काबू में आ जाएगी महंगाई

महंगाई ने साल 2022 में लोगों का बजट बिगाड़ने का काम किया। लेकिन, अब इससे राहत मिलने की उम्मीद है। आर्थिक सर्वे में कहा गया है कि आने वाले दिनों में रिटेल इनफ्लेशन में कमी आएगी। इस फाइनेंशियल ईयर में एवरेज रिटेल इनफ्लेशन 6.8 फीसदी रहने का अनुमान है। लेकिन, अगले फाइनेंशियल ईयर यानी 2023-24 में इसके 6 फीसदी से नीचे रहने की उम्मीद है। यह RBI के लिए अच्छी खबर है, क्योंकि रिटेल इनफ्लेशन को वह 6 फीसदी से ऊपर नहीं जाने देना चाहता है।

यह भी पढ़ें : Budget 2023: बजट को लेकर चल रही हैं कई अफवाहें, अगर ये लागू हुईं तो बढ़ जाएंगी टैक्सपेयर्स की मुश्किलें

कंपनियों, बैंक और एनबीएफसी की सेहत अच्छी

आर्थिक सर्वे में कहा गया है कि सरकारी बैंकों की वित्तीय सेहत में सुधार आया है। इससे वे कर्ज की बढ़ती मांग पूरा करने की स्थिति में हैं। इकोनॉमी में क्रेडिट की मांग काफी बढ़ी है। जनवरी से नवंबर 2022 के दौरान MSME सेक्टर की क्रेडिट की मांग 30 फीसदी से ज्यादा बढ़ी है। एमएसएमई को सरकार की इमर्जेंसी क्रेडिट लिंक्ड गारंटी स्कीम (ECLGS) से काफी मदद मिली है। सर्वे में कहा गया है कि बड़ी कंपनियों की भी क्रेडिट की मांग बढ़ी है।

कृषि सेक्टर का प्रदर्शन दमदार

कृषि सेक्टर की ग्रोथ को लेकर खुशी जताई गई है। आर्थिक सर्वे में कहा गया है कि पिछले कई सालों से एग्री सेक्टर की ग्रोथ अच्छी रही है। इसमें फसलों और पशुओं की उत्पादकता बढ़ाने की सरकार की पॉलिसी का बड़ा हाथ है। सरकार ने क्रॉप डायवर्सिफिकेशन, मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार और फॉर्मर्स प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन बनाया है। इसका फायदा कृषि क्षेत्र को मिला है। एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड बनाने के भी अच्छे नतीजें आए हैं।

स्टील उत्पादन में इंडिया बना बड़ी ताकत

आर्थिक सर्वे में स्टील उत्पादन में इंडिया की उपलब्धियों का खास जिक्र है। इसमें कहा गया है कि इंडिया स्टील उत्पादन के क्षेत्र में बड़ी ताकत बन गया है। यह दुनिया में स्टील का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश बन गया है। इस फाइनेंशियल ईयर में स्टील क्षेत्र का प्रदर्शन शानदार रहा है। फिनिश्ड स्टील का प्रोडक्शन 8.8 करोड़ टन और कंजम्प्शन 8.6 करोड़ टन रहा है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।