इलेक्शन बजट में किसान, महिला और टैक्सपेयर्स पर होगा वित्तमंत्री का फोकस

Union Budget 2024: लोकसभा चुनावों से सरकार का अंतिम बजट 1 फरवरी को आएगा। हालांकि, यह अंतरिम बजट होगा, लेकिन इलेक्शंस को देखते हुए सरकार का फोकस इसमें युवाओं, महिलाओं, किसानों पर रहने की संभावना है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण रोजगार के मौके बढ़ाने के भी उपाय कर सकती हैं

अपडेटेड Feb 01, 2024 पर 6:33 AM
Budget 2024: वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण का फोकस रियल सेक्टर को बढ़ावा देने वाले उपायों पर भी हो सकता है। इसकी वजह यह है कि रियल एस्टेट की ग्रोथ बढ़ने से पूरी इकोनॉमी की ग्रोथ बढ़ती है। साथ ही यह सेक्टर रोजगार के मौके पैदा करने में भी आगे है।

Interim Budget 2024: वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) 1 फरवरी को यूनियन बजट (Union Budget) पेश करेंगी। यह बजट लोकसभा चुनावों से पहले आ रहा है। ऐसे में इसे इलेक्शन बजट (Election Budget) के रूप में देखा जा रहा है। अप्रैल-मई में लोकसभा चुनाव होने वाले हैं। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण किसान, महिला, युवा जैसे वर्गों पर फोकस बढ़ा सकती हैं। इसके अलावा इनकम टैक्स में भी कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। पिछले ट्रेंड से भी इसके संकेत मिलते हैं। 2019 में लोकसभा चुनाव हुए थे। उससे पहले सरकार ने अंतरिम बजट पेश किया था। इसे केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने पेश किया था। इसमें किसानों के लिए उन्होंने बड़ी स्कीम का ऐलान किया था। टैक्सपेयर्स को राहत देने की भी कोशिश की गई थी।

ग्रामीण इलाकों पर फोकस

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण का फोकस अंतरिम बजट में कृषि क्षेत्र और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर बढ़ने की उम्मीद है। इसकी वजह यह है कि जीडीपी में कृषि सेक्टर की हिस्सेदारी भले ही ज्यादा नहीं है, लेकिन करीब 65 फीसदी आबादी गांवों में रहती है। इसका बड़ा हिस्सा खेती पर निर्भर है। 2019 में सरकार ने पीएम किसान सम्मान निधि स्कीम का ऐलान किया था। इस स्कीम के तहत किसानों को सालाना 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता सरकार की तरफ से दी जाती है। कुछ एक्सपर्ट्स का कहना है कि सीतारमण अंतरिम बजट में आर्थिक सहायता बढ़ाकर 6,000-8,000 रुपये सालाना कर सकती हैं। वित्तमंत्री कृषि कर्ज के लिए भी टारगेट बढ़ा सकती हैं। सरकार हर किसान को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के दायरे में लाना चाहती है।

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टैक्सपेयर्स के लिए राहत

अंतरिम बजट में वित्तमंत्री टैक्सपेयर्स को राहत देने की कोशिश कर सकती हैं। 2019 के अंतरिम बजट में सरकार ने स्ट्रैंडर्ड डिडक्शन की लिमिट बढ़ाकर 5,000 रुपये सालाना कर दी थी। इसके अलावा सालाना 5 लाख रुपये तक की इनकम पर टैक्स रिबेट बढ़ाया था, जिससे उनकी टैक्स लायबिलिटी जीरो हो गई थी। एक्सपर्ट्स का कहना है कि वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ाकर 75,000 रुपये सालाना कर सकती हैं। यह इनकम टैक्स की नई और पुरानी दोनों रीजीम के लिए होगा। इसके अलावा इनकम टैक्स की नई रीजीम में भी टैक्सपेयर्स को लाइफ इंश्योरेंस और हेल्थ पॉलिसी पर डिडक्शन की सुविधा दी जा सकती है।

महिलाओं के लिए खास स्कीम

लोकसभा चुनावों से पहले सरकार का फोकस महिलाओं पर रहने की उम्मीद है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण महिलाओं के लिए अलग डिपॉजिट स्कीम का ऐलान कर सकती हैं। यह टैक्स-सेविंग्स डिपॉजिट स्कीम होगी। पिछले साल के बजट में वित्तमंत्री ने महिलाओं के लिए डिपॉजिट स्कीम का ऐलान किया था। एक्सपर्टस् का यह भी कहना है कि महिलाओं के लिए अगल टैक्स स्लैब का ऐलान अंतरिम बजट में हो सकता है। पहले महिलाओं के लिए इनकम टैक्स का अलग स्लैब होता था। करीब 12 साल पहले यूपीए सरकार ने इसे खत्म कर दिया था। केंद्र की मोदी सरकार फिर से महिलाओं के अलग टैक्स स्लैब शुरू कर सकती है। इसमें टैक्स के रेट्स भी कम रहने की उम्मीद है।

रोजगार के मौके बढ़ाने के उपाय

अंतरिम बजट में वित्तमंत्री का फोकस रोजगार बढ़ाने वाले उपायों पर रहने की उम्मीद है। इसके लिए वित्तमंत्री स्किल डेवलपमेंट के लिए फोकस बढ़ाने के साथ ही उन सेक्टर के लिए प्रोत्साहन का ऐलान कर सकती हैं, जिनमें रोजगार के ज्यादा मौके पैदा करने की क्षमता है। कुछ एक्सपर्ट्स का कहना है कि PLI स्कीम का दायरा बढ़ाया जा सकता है। अभी इसके तहत 14 तरह की इंडस्ट्री शामिल है। इसके तहत केमिकल और सर्विसेज को भी शामिल किया जा सकता है।

रियल एस्टेट सेक्टर को प्रोत्साहन

वित्तमंत्री का फोकस रियल सेक्टर को बढ़ावा देने वाले उपायों पर भी हो सकता है। इसकी वजह यह है कि रियल एस्टेट की ग्रोथ बढ़ने से पूरी इकोनॉमी की ग्रोथ बढ़ती है। साथ ही यह सेक्टर रोजगार के मौके पैदा करने में भी आगे है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि वित्तमंत्री MGNREGA के लिए आवंटन बढ़ा सकती है। ग्रामीण इलाकों में रोजगार की यह स्कीम कोरोना की महामारी के दौरान बहुत फायदेमंद रही है।

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