Budget 2024: फुल बजट में डिसइनवेस्टमेंट का टारगेट तय होने की उम्मीद नहीं, जानिए क्या है सरकार का प्लान

पिछले कई सालों से सरकार हर साल बजट में विनिवेश का टारगेट तय करती आ रही है। हालांकि, इस बार 1 फरवरी को पेश अंतरिम बजट में सरकार ने डिसइनवेस्टमेंट का टारगेट तय नहीं किया था। सरकार डिसइनवेस्टमेंट को लेकर अपनी पॉलिसी में बदलाव कर सकती है

अपडेटेड May 13, 2024 पर 6:36 PM
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सरकार लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन के साथ मिलकर आईडीबीआई बैंक में करीब 61 फीसदी हिस्सेदारी बेचना चाहती है।

Budget 2024: विनिवेश को लेकर सरकार की पॉलिसी में बदलाव हो सकता है। अब तक सरकार हर साल बजट में डिसइनवेस्टमेंट का टारगेट तय करती आई है। लेकिन, अब इस परंपरा में बदलाव आ सकता है। सरकार के एक सीनियर अफसर ने इस बारे में संकेत दिया है। लोकसभा चुनावों के बाद केंद्र में जो नई सरकार बनेगी वह पूर्ण बजट पेश करेगी। इसके जुलाई में आने की उम्मीद है। इस साल 1 फरवरी को वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने अंतरिम बजट पेश किया था। इसका मकसद नई सरकार बनने तक सरकार के जरूरी खर्च के लिए संसद की मंजूरी हासिल करना था।

फुल बजट में नहीं होगा डिसइनवेस्टमेंट का टारगेट

अधिकारी ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर कहा, "हमारा डिसइनवेस्टमेंट टारगेट बहुत एग्रेसिव रहा है...हम जो वैल्यू अनलॉक कर रहे हैं उसे लेकर हमारी सोच शॉर्ट टर्म की है...जब हम एग्रेसिव सेल करते हैं तो कीमत नीचें चली जाती है...हमारा मकसद ज्यादा डिसइनवेस्टमेंट टारगेट को हासिल करने के लिए रेवेन्यू जुटाना रहा है।" उन्होंने कहा कि 2024-25 के फुल बजट के साथ यह चीज बदलने जा रही है।


अंतरिम बजट में भी डिसइनवेस्टमेंट का टारगेट नहीं था

उन्होंने कहा कि किसी सरकारी कंपनी में आंशिक या पूरी हिस्सेदारी बेचकर डिसइनवेस्टमेंट के रास्ते पैसे जुटाने का टारगेट तय होने की उम्मीद नहीं है। इसका मतलब है कि इस साल डिसइनवेस्टमेंट का टारगेट तय नहीं होगा। ऐसा पहली बार होगा। हम माइनॉरिटी शेयरहोल्डर्स पर फोकस करना जा रहे हैं। इस साल पेश अंतरिम बजट में डिसइनवेस्टेमेंट का टारगेट सरकार ने तय नहीं किया था।

चुनावों के बाद विनिवेश की प्रक्रिया तेज होगी

इस मामले की जानकारी रखने वाले एक दूसरे व्यक्ति ने बताया, "सरकारी हलकों में यह बात हो रही है कि सरकारी कंपनियों में हिस्सेदारी बेचने की कवायद जारी रहेगी और लोकसभा चुनावों के बाद इसमें तेजी आएगी। सबसे पहले आईडीबीआई बैंक में हिस्सेदारी बेचने पर फोकस होगा। हर चीज अपनी जगह पर है। सिर्फ लोकसभा चुनावों के चलते प्रक्रिया सुस्त है।"

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सरकारी कंपनियों की वैल्यूएशन बढ़ी

सरकार लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन के साथ मिलकर आईडीबीआई बैंक में करीब 61 फीसदी हिस्सेदारी बेचना चाहती है। इसके लिए अक्टूबर 2022 में खरीदारों से बोलियां मंगाई गई थीं। 61 लिस्टेड कंपनियों, 12 सरकारी बैंक, आईडीबीआई बैंक और तीन सरकारी इंश्योरेंस कंपनियों की वैल्यूएशन 2021 में 15 लाख करोड़ रुपये थी, जो मार्च 2024 में बढ़कर 60 लाख करोड़ रुपये हो गई।

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