Interim Budget 2024: बजट घोषणाओं का PSU स्टॉक्स पर मिला जुला असर, कुछ में आई तेजी तो कुछ लाल निशान में

Interim Budget 2024: PSU स्टॉक्स में पिछले 5 वर्षों में अच्छी तेजी देखने को मिली है। BSE PSU Index इस दौरान 142 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ा है। बीएसई पीएसयू इंडेक्स के मुताबिक, हुडको, एनबीसीसी, पावरग्रिड, एनटीपीसी, यूनियन बैंक, केनरा बैंक के स्टॉक्स 6 प्रतिशत तक चढ़ गए।

अपडेटेड Feb 01, 2024 पर 12:55 PM
Budget 2024: वित्त वर्ष 2024 के लिए पूंजीगत खर्च का टारगेट 10 लाख करोड़ रुपये सेट किया गया था।

Interim Budget 2024: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए अंतरिम बजट पेश कर दिया है। बजट घोषणाओं के बाद सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों (PSU) के शेयरों पर मिलाजुला असर देखने को मिला। बजट 2024 में वित्त वर्ष 2025 के लिए पूंजीगत खर्च (Capital Expenditure) का टारगेट पिछले वर्ष से 11.1% बढ़कर 11.1 लाख करोड़ कर दिया है। वित्त वर्ष 2024 के लिए 10 लाख करोड़ रुपये पूंजीगत खर्च का टारगेट सेट किया गया था। बजट 2023 में पूंजीगत खर्च को एक साल पहले के मुकाबले 37.4 प्रतिशत बढ़ाया गया था।

इस ऐलान के बाद कुछ पीएसयू स्टॉक्स में तेजी देखने को मिली तो कुछ में गिरावट आई। बीएसई पीएसयू इंडेक्स के मुताबिक, हुडको, एनबीसीसी, पावरग्रिड, एनटीपीसी, यूनियन बैंक, केनरा बैंक के स्टॉक्स 6 प्रतिशत तक चढ़ गए। वहीं दूसरी ओर राइट्स, सेल ओएनजीसी, मझगांव डॉक समेत कई पीएसयू कंपनियों के शेयर लाल निशान में रहे।

बजट स्पीच खत्म होने के बाद दोपहर 12.30 बजे के करीब बीएसई पीएसयू इंडेक्स में हुडको के शेयर में 5 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी दिखी। इसी तरह यूको बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया, के शेयरों में 4 प्रतिशत से ज्यादा और बैंक ऑफ बड़ौदा, एनबीसीसी, पीएनबी, केनरा बैंक के शेयरों में 3 प्रतिशत की तेजी थी। दूसरी ओर राइट्स, एसजेवीएन, आरवीएनएल, इरकॉन, सेल, एनएलसी इंडिया, आईआरसीटीसी, मझगांव डॉक, भेल, आईआरएफसी समेत कई अन्य पीएसयू स्टॉक 5 प्रतिशत से ज्यादा टूटे।


Budget 2024 LIVE Updates

5 वर्षों में अच्छी तेजी 

PSU स्टॉक्स में पिछले 5 वर्षों में अच्छी तेजी देखने को मिली है। BSE PSU Index इस दौरान 142 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ा है। एनालिस्ट्स पीएसयू स्टॉक्स को लेकर बुलिश तो हैं लेकिन साथ ही उन्होंने निवेशकों को पीएसयू स्टॉक्स में पैसा लगाते समय सावधानी बरतने की चेतावनी दी है।

इसकी वजह है कि कुछ शेयरों की वैल्यूएशन प्राइवेट सेक्टर के उनके प्रतिस्पर्धियों की तुलना में बहुत अधिक दिखती है। पिछले एक साल में हर 3 में से एक पीएसयू स्टॉक की कीमत दोगुने से अधिक हो गई है, जिससे बीएसई पीएसयू इंडेक्स 65 प्रतिशत से अधिक बढ़ गया है।

प्राइवेटाइजेशनः निवेशकों का PSU में जगा भरोसा

भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने 2014 में सत्ता में आने के बाद से सार्वजनिक उपक्रमों के विनिवेश को आगे बढ़ाने का प्रयास किया। लेकिन अब तक केवल एयर इंडिया और नीलांचल इस्पात निगम लिमिटेड का ही निजीकरण (Privatisation) हो पाया है। अन्य रणनीतिक विनिवेशों के तहत सरकार, एक सार्वजनिक उपक्रम में अपनी पूरी हिस्सेदारी दूसरे को बेचने वाली है।

एनालिस्ट्स का कहना है कि प्राइवेटाइजेशन को पीएसयू के लिए निवेश थीसिस बनाने को लेकर बेहद सावधानी बरतनी चाहिए। अतीत में कई व्यावहारिक चुनौतियों ने सरकार के प्राइवेटाइजेशन के प्रयासों को बाधित किया है।

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