निर्मला सीतारमण स्टॉक्स मार्केट्स के लिए आज कर सकती हैं ये ऐलान

Budget 2024: ब्रोकरेज फर्मों के एनालिस्ट्स का मानना है कि वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण को सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स में राहत देनी चाहिए। इससे स्टॉक मार्केट में इनवेस्टर्स की दिलचस्पी बढ़ेगी। सरकार ने 2004 में सिक्योरिटीज में ट्रांजेक्शन पर यह टैक्स लगाया था

अपडेटेड Feb 01, 2024 पर 6:37 AM
Union Budget 2024: स्टॉक मार्केट से जुड़े एक्सपर्ट्स को उम्मीद है कि वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण डिविडेंड पर टैक्स के नियमों में बदलाव कर सकती हैं।

Interim Budget 2024: वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) स्टॉक मार्केट्स के लिए आज कई ऐलान कर सकती हैं। वित्तमंत्री आज 11 बजे लोकसभा में यूनियन बजट (Union Budget) पेश करेंगी। यह अंतरिम बजट (Interim Budget) होगा। इसमें वह स्टॉक मार्केट्स की उम्मीदें पूरी कर सकती हैं। मनीकंट्रोल ने बजट से उम्मीदों के बारे में जानने के लिए बड़े ब्रोकरेज फर्मों के एनालिस्ट्स से बातचीत की। हमने उनसे यह भी पूछा कि वित्तमंत्री ऐसे वक्त मार्केट के लिए क्या ऐलान कर सकती हैं, जब बाजार ऑल-टाइम हाई के करीब है। एनालिस्ट्स ने बताया कि बजट में मार्केट से सीधे तौर पर जुड़े ऐलान के साथ ही टैक्सपेयर्स को राहत देने वाले ऐलान करने की जरूरत है। इससे मार्केट के सेंटीमेंट को मजबूती मिलेगी।

1. सिक्योरिटी ट्रांजेक्शन टैक्स में कमी

एनालिस्ट्स का कहना है कि वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण को सिक्योरिटी ट्रांजेक्शन टैक्स को या तो खत्म कर देना चाहिए या इसमें कमी करनी चाहिए। अगर निर्मला सीतारमण इस टैक्स को खत्म नहीं कर सकतीं तो उन्हें कैश मार्केट के लिए एसटीटी में कमी करनी चाहिए। स्टॉक मार्केट्स पिछले कई साल से यह मांग करता आ रहा है। STT की शुरुआत 2004 में हुई थी। कई तरह की सिक्योरिटी से जुड़े ट्रांजेक्शन पर यह टैक्स लगता है। सरकार ने FY24 में इस टैक्स के जरिए 27,625 करोड़ रुपये हासिल किए थे।

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2. LTCG के आसान नियम

ब्रोकरेज फर्मों के एनालिस्ट्स का कहना है कि सरकार को लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस (LTCG) टैक्स के नियमों में बदलाव करनी चाहिए। अगर सरकार एलटीसीजी टैक्स में राहत देती है तो इससे स्टॉक मार्केट्स में निवेश करने में लोगों की दिलचस्पी बढ़ेगी। हालांकि, यह मांग पिछले कई सालों से की जा रही हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि जीएसटी कलेक्शन में अच्छी ग्रोथ को देखते हुए सरकार LTCG टैक्स के नियमों का आसान बना सकती है। अभी अलग-अलग एसेट के लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस टैक्स के रेट्स अलग-अलग हैं। एसेट्स के होल्डिंग पीरियड भी अलग-अलग हैं।

3. क्रिप्टोकरेंसी के लिए टैक्स पॉलिसी

क्रिप्टोकरेंसी पर टैक्स के नियमों के बारे में ज्यादा प्रोग्रेस नहीं दिखा है। सरकार ने सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) की शुरुआत की है। लेकिन मार्केट को क्रिप्टोकरेंसी पर टैक्स के व्यापक नियमों का इंतजार है। वित्तमंत्री ने 2022 के बजट में क्रिप्टो से हुए मुनाफे को टैक्स के दायरे में लाने का ऐलान किया था। लेकिन, उसके बाद से सरकार की तरफ से इस बारे में कोई बड़ा ऐलान नहीं किया गया है।

4. डिविडेंड पर दोहरे टैक्स से राहत

मार्केट से जुड़े एक्सपर्ट्स और एनालिस्ट्स का कहना है कि सरकार को डिविडेंड पर टैक्स के नियमों में बदलाव करने की जरूरत है। अभी डिविडेंड पर टैक्स का पेमेंट शेयरहोल्डर्स को करना पड़ता है। कंपनी अपने प्रॉफिट पर टैक्स चुकाने के बाद डिविडेंड देती है। इस तरह इस पर दो बार टैक्स लगता है। सरकार को इस कमी को दूर करने के लिए नियम में बदलाव करना चाहिए।

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