Budget 2024: "बजट में कोई बदलाव नहीं होना शेयर बाजार के लिए अच्छा, इनकम टैक्स की ₹12 लाख तक बढ़े लिमिट"

दिग्गज निवेशक रामदेव अग्रवाल (Raamdeo Agrawal) का मानना ​​है कि शेयर बाजार (Stock Markets) के लिए सबसे अच्छा बजट वहीं होगा, जिसमें कोई बदलाव नहीं होगा। उन्होंने कहा कि शेयर बाजार इस समय बहुत अच्छे संतुलन में हैं और इससे जुड़े टैक्स स्ट्रक्चर में कोई बदलाव नहीं होना चाहिए। रामदेव ने कहा, "कोई बदलाव नहीं होना सबसे अच्छी बात है, लेकिन उन्हें इसे आम जनता के लिए अधिक आकर्षक बनाना चाहिए"

अपडेटेड Jul 04, 2024 पर 7:32 PM
रामदेव अग्रवाल ने 12 लाख रुपये तक की सालाना आय को इनकम टैक्स दायरे से बाहर रखने का सुझाव दिया

दिग्गज निवेशक रामदेव अग्रवाल (Raamdeo Agrawal) का मानना ​​है कि शेयर बाजार (Stock Markets) के लिए सबसे अच्छा बजट वहीं होगा, जिसमें कोई बदलाव नहीं होगा। उन्होंने कहा कि शेयर बाजार इस समय बहुत अच्छे संतुलन में हैं और इससे जुड़े टैक्स स्ट्रक्चर में कोई बदलाव नहीं होना चाहिए। जुलाई के अंत में पेश होने वाले बजट 2024-25 (Budget 2024-25) से उनकी क्या उम्मीदें हैं, यह पूछे जाने पर रामदेव ने कहा, "कोई बदलाव नहीं होना सबसे अच्छी बात है, लेकिन उन्हें इसे आम जनता के लिए अधिक आकर्षक बनाना चाहिए। इसे निवेशकों के अनुकूल बनाना चाहिए।"

रामदेव अग्रवाल ने सरकार को अहम सुझाव भी दिया। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को 12 लाख रुपये तक की सालाना आय पर इनकम टैक्स छूट का ऐलान करना चाहिए। रामदेव ने कहा, "हमें टैक्सपेयर्स को अधिक पैसा देकर खपत को बढ़ावा देना चाहिए।"

रामदेव ने कहा कि बजट को शेयर बाजार की उम्मीदों पर ध्यान केंद्रित करने की ज़रूरत नहीं है। उन्होंने कहा, "आप स्टॉक मार्केट को ध्यान में रखकर लिए बजट नहीं बना सकते। आपको इसे देशवासियों को ध्यान में रखकर एक अच्छा बजट बनाना चाहिए।"


दिग्गज निवेशक ने कहा कि भारत को खपत को और बढ़ाने की जरूरत है। साथ ही जून में जीएसटी कलेक्शन की ग्रोथ में आई सुस्ती का हवाला दिया, जो बीते 3 साल में सबसे कम दर से बढ़ा है। इसके पीछे मुख्य वजह लोकसभा चुनाव और भीषण गर्मी हो सकती है, जिससे कुछ क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां बाधित हो सकती हैं। डेटा से पता चलता है कि कोविड महामारी के बाद पहली बार GST कलेक्शन की ग्रोथ दोहरे अंकों से नीचे गिर गई है।

रामदेव ने अपनी तर्क को पुष्ट करते हुए कहा कि दो सालों तक GDP ग्रोथ लगभग 8 प्रतिशत रही है, इसके बावजूद एचयूएल, नेस्ले और ब्रिटानिया जैसी एफएमसीजी कंपनियों के शेयरों में उछाल नहीं देखा गया है। पिछले एक साल में HUL के शेयरों में 7 प्रतिशत की गिरावट आई है, जबकि नेस्ले इंडिया के शेयरों में पिछले एक साल में 12 प्रतिशत की तेजी आई है।

हालांकि, रामदेव लंबी अवधि की ग्रोथ संभावनाओं को लेकर बेहद उत्साहित हैं, और उन्होंने कहा कि वह भारत को अगले 4 साल में 10 ट्रिलियन डॉलर के मार्केट कैप वाली इकोनॉमी बनते हुए देखते हैं। BSE में सूचीबद्ध सभी कंपनियों का कुल मार्केट कैप इस साल मई में पहली बार 5 ट्रिलियन डॉलर या 414.46 ट्रिलियन रुपये के आंकड़े को पार कर गया था। इस साल की शुरुआत से BSE के मार्केट कैप में 633 अरब डॉलर से अधिक का इजाफा हुआ है।

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