रेलवे स्टॉक्स 23 जुलाई को पेश होने वाले केंद्रीय बजट से पहले फोकस में हैं। रेल विकास निगम (RVNL), इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉर्पोरेशन (IRFC), इरकॉन इंटरनेशनल, NBCC (इंडिया), रेलटेल कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया और टेक्समैको रेल एंड इंजीनियरिंग जैसे शेयरों में लगातार तेजी देखने को मिल रही है। 1 फरवरी को अंतरिम बजट के बाद से ही इन शेयरों में 11-112 फीसदी की तेजी आ चुकी है। RVNL 112 फीसदी की बढ़त के साथ सबसे अधिक रिटर्न देने वाला रेलवे स्टॉक है। इसके बाद इरकॉन में 44 फीसदी और रेलटेल में 37 फीसदी का उछाल आया है।
इन Railway stocks में भी जमकर खरीदारी
टेक्समैको रेल में अंतरिम बजट के बाद 31 फीसदी की तेजी देखी गई है। वहीं, IRFC 28 फीसदी और NBCC 12 फीसदी चढ़ा है। वित्त वर्ष 2025 के अंतरिम बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रेलवे को ग्रॉस बजटीय सपोर्ट के रूप में 2,52,200 करोड़ रुपये आवंटित किए, साथ ही अतिरिक्त बजटीय रिसोर्सेज से 10000 करोड़ रुपये अतिरिक्त दिए।
सरकार ने कोल और मिनरल ट्रांसपोर्ट के लिए डेडिकेटेड ट्रैक, पोर्ट की बेहतर कनेक्टिविटी और एफिशिएंसी और कैपिसिटी बढ़ाने के लिए भीड़भाड़ को दूर करने के उपायों की भी घोषणा की। एक हालिया अध्ययन से पता चला है कि भारत में हर साल 800 करोड़ रेल यात्राएं होती हैं, जिसके 2030 तक बढ़कर 1000 करोड़ हो जाने का अनुमान है।
Railway के लिए बजट में एलोकेशन 12-15 फीसदी बढ़ने की उम्मीद
केयरएज रेटिंग्स को यूनियन बजट में एलोकेशन 12-15 फीसदी बढ़ने की उम्मीद है। रेलवे सेक्टर में पब्लिक-प्राइवेट पार्टिसिपेशन में सुधार के लिए हाइब्रिड एन्युटी मॉडल की शुरुआत जैसे सुधार और एसेट मोनेटाइजेशन के प्रयास कुछ अन्य उम्मीदें हैं। रेलवे इंडस्ट्री ने केंद्र सरकार से आगामी बजट में कैपिटल एक्सपेंडिचर को बनाए रखने का अनुरोध किया है, जबकि पूर्व अधिकारियों और एक्सपर्ट्स ने सेफ्टी पर फोकस करने जरूरत पर जोर दिया है।
एक्सपर्ट्स ने एनर्जी, मिनरल और सीमेंट कॉरिडोर को प्राथमिकता देने और लॉजिस्टिक्स डेवलपमेंट को बढ़ाने के लिए रेल-रोड कनेक्टिविटी, IoT, ऑटोमेशन, ब्लॉकचेन, क्लाउड कंप्यूटिंग, AI और रोबोटिक्स जैसी टेक्नोलॉजी पर खर्च बढ़ाने की भी सिफारिश की है।
उन्होंने आगे सुझाव दिया है कि ट्रैक कंस्ट्रक्शन की गति में तेजी, हाई-स्पीड ट्रेनों पर जोर, रोलिंग स्टॉक में बड़े निवेश और डेडिकेटेड माल ढुलाई कॉरिडोर का पूरा होना इस सेक्टर के लिए शुभ संकेत हैं। फिर भी, रेगुलेटरी बॉडी की कमी और सीमित पब्लिक प्राइवेट पार्टिसिपेशन सेक्टर की चुनौतियों के रूप में सामने आती है। रेल बोगियों को वंदे भारत स्टैंडर्ड्स के अनुरूप परिवर्तित करने से मध्यम अवधि में वंदे भारत ट्रेन क्षमता में 50-60 गुना बढ़ोतरी होने की संभावना है।