Budget 2024: बजट का दिन आते ही सबको 4 जून के शेयर बाजार की बिगड़ी चाल याद आने लगी है। ऐसे में सबके मन में यही सवा है कि क्या 4 जून की तरह 23 जुलाई को भी शेयर बाजार में गिरावट आएगी। इसका एक ही जवाब है। अगर सरकार बजट में कुछ ऐसे फैसले लेती है जिससे बाजार में निवेश प्रभावित हो सकता है तो निश्चित तौर पर शेयर मार्केट में बड़ी गिरावट आ सकती है।
शेयर बाजार को जिस एक चीज से सबसे ज्यादा डर है वो है कैपिटल गेन टैक्स। अगर कैपिटल गेन टैक्स में कोई प्रतिकूल बदलाव होता है तो शेयर बाजार में 4 जून से भी बड़ी गिरावट आ सकती है।
Union Budget 2024: शेयर बाजार के सामने क्या है सबसे बड़ा खतरा
आपको भले ही इस पर भरोसा ना कर पाएं लेकिन इंटरनेशनल ब्रोकरेज फर्म जेफरीज के ग्लोबल हेड क्रिस वुड का यही मानना है। क्रिस वुड ने अपने निवेशकों को जो वीकली नोट दिए हैं उसमें यही बात कही है। उन्होंने कहा है कि अगर 23 जुलाई को पेश होने वाले बजट के दौरान लॉन्ग टर्म या शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स में निवेशकों के लिहाज से कोई प्रतिकूल बदलाव होता है, तो शेयर बाजार में लोकसभा चुनाव नतीजों के बाद से भी ज्यादा तेज गिरावट की आशंका है।
वैसे एक उम्मीद सबके मन में है कि शायद सरकार इस बार कैपिटल गेन टैक्स में कोई बदलाव ना करें।
क्रिस वुड ने थोड़ा भरोसा देते हुए कहा है, वैसे तो यह माना जा रहा है कि चुनाव नतीजों में बहुमत ना मिलने की वजह से सरकार के ऐसा कठोर कदम उठाने की आशंका कम है। लेकिन अगर यह अनुमान गलत साबित होता है और कैपिटल गेंस टैक्स में इजाफा किया जाता है तो इससे शेयर बाजार में 4 जून से बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है।
Budget 2024: भारतीय शेयर बाजार की बड़ी परीक्षा
क्रिस वुड का ये भी कहना था कि पिछले कुछ साल में भारतीय शेयर बाजार में तेजी आई है। लेकिन भारत में अभी भी इक्विटी कल्चर डिवेलप होने की शुरुआत है। हालांकि अभी भी भारतीय शेयर बाजार पर क्रिस वुड का भरोसा कायम है। उनके मुताबिक, शेयर बाजार में रिटेल इनवेस्टर्स की संख्या बढ़ रही और यह आगे भी जारी रहेगी।
क्रिस वुड ने कहा कि बीजेपी के पूर्ण बहुमत नहीं मिलने के बावजूद शेयर मार्केट की परफॉर्मेंस पर असर नहीं पड़ा है। लोकसभा चुनाव नतीजों के दिन भले ही शेयर बाजार में गिरावट आई, लेकिन इसके बाद तुरंत उछाल देखने को मिलने लगा।