Get App

यूनियन बजट 2023: फर्टिलाइजर सब्सिडी पर खर्च घटाना चाहती है सरकार, क्या वह इसमें सफल होगी?

Budget 2023: इस फाइनेंशियल ईयर में फर्टिलाइजर सब्सिडी पर सरकार का खर्च 2.5 लाख करोड़ रुपये रहने की उम्मीद है। सरकार इसे अगले फाइनेंशियल ईयर में घटाकर 1.5 लाख करोड़ तक लाना चाहती है। लेकिन, पिछले सालों के रिकॉर्ड को देखने से पता चलता है कि हर साल यह खर्च टारगेट से काफी ज्यादा रहा है

Curated By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Jan 30, 2023 पर 5:06 PM
यूनियन बजट 2023: फर्टिलाइजर सब्सिडी पर खर्च घटाना चाहती है सरकार, क्या वह इसमें सफल होगी?
इंडिया अपनी जरूरत का करीब 50 फीसदी फर्टिलाइजर आयात करता है।

Budget 2023: सरकार फिस्कल डेफिसिट (Fiscal Deficit) को कम करने के लिए सब्सिडी पर होने वाले खर्च को घटाना चाहती है। सरकार फर्टिलाइजर सब्सिडी को अगले फाइनेंशियल ईयर में घटाकर 1.40-1.50 लाख करोड़ रुपये करना चाहती है। इस फाइनेंशियल ईयर में फर्टिलाइजर सब्सिडी करीब 2.5 लाख करोड़ रुपये रहने की उम्मीद है। पिछले सालों को देखने पर इसकी संभावना कम लगती है। फाइनेंशियल ईयर 2020-21 में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने फर्टिलाइजर सब्सिडी के लिए 70,000 करोड़ रुपये का टारगेट रखा था। लेकिन, फर्टिलाइजर सब्सिडी पर वास्तविक खर्च 1.38 लाख करोड रुपये था। फाइनेंशियल ईयर 2021-22 में सरकार ने फर्टिलाइजर सब्सिडी के लिए 80,000 करोड़ रुपये का आवंटन बजट में किया था। लेकिन, वास्तविक खर्च 1.62 लाख करोड़ रुपये रहा।

कंपनियां लागत से कम कीमत किसानों को बेचती हैं फर्टिलाइजर

पिछले ट्रेंड को देखते हुए अगर निर्मला सीतारमण अगले फाइनेंशियल ईयर के लिए फर्टिलाइजर सब्सिडी का 1.50 लाख करोड़ रुपये का टारगेट तय करती है तो भी वास्तविक खर्च इससे ज्यादा रह सकता है। फर्टिलाइजर सब्सिडी वह अमाउंट है, जिसका पेमेंट सरकार फर्टिलाइजर बनाने या उसका आयात करने वाली कंपनियों को करती है। दरअसल, ये कंपनियां लागत से कम कीमत पर किसानों को फर्टिलाइजर बेचती हैं। सरकार उन्हें इस नुकसान की भरपाई सब्सिडी चुकाकर करती है। सरकार के निर्देश पर कंपनियां किसानों को कॉस्ट से कम कीमत पर फर्टिलाइजर्स बेचती हैं।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें