Budget 2023: इनकम टैक्स में राहत की खबर आने में सिर्फ 3 दिन बाकी, आपको होगा इतने रुपये का फायदा

Budget 2023: यूनियन बजट में इनकम टैक्स के मामले में बड़ी राहत मिलने वाली है। खासकर मिडिल क्लास पर टैक्स का बोझ घटाने का ऐलान वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण करेंगी। 80सी की लिमिट बढ़ाने के साथ ही स्टैंडर्ड डिडक्शन को बढ़ाकर दोगुना किया जा सकता है

अपडेटेड Jan 28, 2023 पर 4:14 PM
Story continues below Advertisement
हेल्थ पॉलिसी में लोगों की दिलचस्पी बढ़ाने के लिए सरकार इसके प्रीमियम पर डिडक्शन की सीमा बढ़ा सकती है।

Budget 2023: यूनियन बजट 2023 (Union Budget) इनकम टैक्स के लिहाज से खास होगा। फाइनेंस मिनिस्टर इनकम टैक्स से राहत का ऐलान कर सकती हैं। खासकर वह मिडिल क्लास पर टैक्स का बोझ कम करने की कोशिश करेंगी। पहले करोरोना की महामारी, फिर बढ़ती महंगाई ने कम इनकम वाले लोगों का जीना मुश्किल कर दी है। टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि इनकम टैक्स के नियमों में पिछले कई सालों से कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है। सरकार तीन-चार साल पहले इनकम टैक्स की नई रीजीम पेश की थी। लेकिन, इसमें लोगों ने दिलचस्पी नहीं दिखाई है। हालांकि, इसमें टैक्स रेट्स कम हैं। लेकिन पुरानी रीजीम में मिलने वाले डिडक्शंस और एग्जेम्पशन वापस ले लिए गए हैं। निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) 1 फरवरी (बुधवार) को यूनियन बजट पेश करेंगी।

80सी की लिमिट में बदलाव

वित्तमंत्री इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80 के तहत डिडक्शन की लिमिट बढ़ाएंगी। इसकी मांग काफी समय से की जा रही है। अभी सेक्शन 80सी के तहत आने वाले इनवेस्टमेंट ऑप्शंस में सालाना 1.5 लाख रुपये के तक निवेश पर डिडक्शन मिलता है। इस लिमिट को बढ़ाकर 3 लाख रुपये करने की मांग की गई है। उम्मीद है कि वित्तमंत्री डिडक्शन की लिमिट बढ़ाकर कम से कम 2 लाख रुपये करने का ऐलान यूनियन बजट में कर सकती हैं। अभी इस सेक्शन के तहत करीब एक दर्जन इनवेस्टमेंट ऑप्शंस आते हैं। इनमें पीपीएफ, जीवन बीमा पॉलिसी, सुकन्या समृद्धि योजना, म्युचुअल फंड की ईलएसएस शामिल हैं। दो बच्चों की ट्यूशन फीस पर डिडक्शन का लाभ भी 80सी के तहत मिलता है।

यह भी पढ़ें : Budget 2023: शेयर बाजार में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ाने के लिए वित्तमंत्री उठा सकती हैं बड़े कदम


स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ेगा

अभी नौकरी करने वाले लोगों को सालना 50,000 रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलता है। टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि जिस तरह से महंगाई बढ़ी है, उसे देखते हुए स्टैंडर्ड डिडक्शन को बढ़ाना बहुत जरूरी है। इससे लोगों के हाथ में ज्यादा पैसे बचेंगे। टैक्स एक्सपर्ट्स ने सरकार से स्टैंडर्ड डिडक्शन को बढ़ाकर कम से कम 1 लाख रुपये करने की मांग की है। अगर वित्तमंत्री यह फैसला लेती हैं तो इससे नौकरी करने वाले लोगों को काफी राहत मिलेगी।

बजट 2023 आने में बाकी हैं सिर्फ कुछ दिन, इसकी खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

मेडिकल पॉलिसी पर बढ़ेगा टैक्स बेनेफिट

कोरोना की महामारी के बाद लोगों को तरह की मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। पहला, बीमा कंपनियों ने हेल्थ पॉलिसी के प्रीमियम बढ़ा दिए हैं। दूसरा, कोरोना की वजह से अब भी लोगों को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस वजह से इलाज पर उनका खर्च बढ़ गया है। ऐसे में हेल्थ पॉलिसी जरूरी हो गई है। लेकिन, प्रीमियम ज्यादा होने से लोग हेल्थ पॉलिसी खरीदने से कतराते हैं। हेल्थ पॉलिसी में लोगों की दिलचस्पी बढ़ाने के लिए सरकार इसके प्रीमियम पर डिडक्शन की सीमा बढ़ा सकती है। अभी 60 साल तक की उम्र वाला व्यक्ति हेल्थ पॉलिसी के प्रीमिमय पर सालाना 25,000 रुपेय डिडक्शन का दावा कर सकता है। 60 साल से ज्यादा उम्र के लोगों के लिए यह लिमिट 50,00 रुपये है। वित्तमंत्री इस लिमिट को बढ़ाकर दोगुना कर सकती हैं।

income tax slabs

आपको कितना होगा फायदा?

अगर आपकी सैलरी 8 लाख रुपये है तो 80सी की लिमिट 2 लाख रुपये होने से आपकी टैक्सेबल इनकम 6 लाख रुपये (8 लाख में से 2 लाख घटाने पर) हो जाएगी। उसके बाद एक लाख रुपये के स्टैंडर्ड डिडक्शन का फायदा भी आपको मिलेगा। इस तरह आपकी टैक्सेबल इनकम 5 लाख रुपये (6 लाख रुपये में से एक लाख रुपये घटाने पर) हो जाएगी। फिर, आपकी उम्र अगर 60 साल से कम है तो आपको हेल्थ पॉलिसी पर 50,000 रुपये डिडक्शन का फायदा भी मिलेगा। अभी डिडक्शन की लिमिट 25,000 रुपये है। इस तरह आपकी टैक्सेबल इनकम 4.5 लाख रुपये (5 लाख में से 50,000 रुपये घटाने पर) हो जाएगी। इसमें बेसिक एग्जेम्पशन का 2.5 लाख रुपये घटाने पर टैक्सेबल इनकम सिर्फ 2 लाख रुपये रह जाएगा। 5 लाख रुपये की इनकम पर सिर्फ 5 फीसदी टैक्स लगता है। इसलिए आपकी टैक्स लायबिलिटी घटकर सिर्फ 10 रुपये रह जाएगी।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।