Union Budget 2023 : 10 लाख से ज्यादा इनकम वालों को होगा फायदा, अगर पूरी हो जाए यह डिमांड

Union Budget 2023 : इस बजट में मिडिल क्लास और सैलरीड लोगों के पक्ष में कुछ ऐलान देखने को मिल सकते हैं। इसमें मौजूदा इनकम टैक्स स्लैब और दरों में बदलाव शामिल है। एक एक्सपर्ट्स के मुताबिक, बजट में विशेष रूप से सालाना 10 लाख रुपये से ज्यादा इनकम वाले ग्रुप में टैक्स स्लैब में बदलाव होने की उम्मीद है। इनके लिए टैक्स रेट 30 फीसदी से घटकर 25 फीसदी हो सकती है

अपडेटेड Jan 25, 2023 पर 3:31 PM
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Union Budget 2023 : एक्सपर्ट्स के बीच ऐसी आम राय बनती दिख रही है कि इस बजट में टैक्सेशन को व्यवस्थित करना एक अहम मुद्दा होगा

Union Budget 2023 : यूनियन बजट से चंद दिन पहले सालाना 10 लाख रुपये से ज्यादा इनकम वालों की उम्मीदें बढ़ती जा रही हैं। कई एक्सपर्ट्स को उम्मीद है कि इस बजट में मिडिल क्लास और सैलरीड लोगों के पक्ष में कुछ ऐलान देखने को मिल सकते हैं। इसमें मौजूदा इनकम टैक्स स्लैब और दरों में बदलाव शामिल है। एक एक्सपर्ट्स के मुताबिक, बजट में विशेष रूप से सालाना 10 लाख रुपये से ज्यादा इनकम वाले ग्रुप में टैक्स स्लैब में बदलाव होने की उम्मीद है। इनके लिए टैक्स रेट 30 फीसदी से घटकर 25 फीसदी हो सकती है।

इसके साथ ही इनवेस्टर्स एनपीएस, पीपीएफ और ईएलएसएस सहित टैक्स सेविंग के विकल्पों के लिए टैक्स डिडक्शंस और एग्जम्प्शंस के क्लेम की लिमिट बढ़ने का भी इंतजार कर रहे हैं।

टैक्सेशन पर हो सकता है फोकस


एक्सपर्ट्स के बीच ऐसी आम राय बनती दिख रही है कि इस बजट में टैक्सेशन को व्यवस्थित करना एक अहम मुद्दा होगा। इसमें मुख्य रूप से कैपिटल गेन्स टैक्स को युक्तिसंगत बनाना और टैक्स स्लैब में बदलाव शामिल है। दरअसल कैपिटल गेन टैक्स एसेट क्लास के आधार पर 10 फीसदी से 20 फीसदी के बीच है। Budget 2023 में इस पर भ्रम की स्थिति दूर की जा सकती है और एकरूपता लाने की दिशा में कोई पहल की जा सकती है। शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म गेन्स को लेकर विभिन्न एसेट क्लास के लिए करों को सरल बनाया जा सकता है।

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इंश्योरेंस को मिले अलग सुविधा

वहीं, इंश्योरेंस इंडस्ट्री के कुछ एक्सपर्ट बीमा उत्पादों के लिए एक अलग टैक्स एग्जम्प्शन फैसिलिटी की उम्मीद कर रहे हैं। बहरहाल, इंश्योरेंस को एक अहम सुरक्षा जरूरत और दीर्घकालिक निवेश के रूप में मान्यता देने की जरूरत है। ऐसे में सरकार 80सी से इतर एक अलग टैक्स एग्जम्प्शन स्लैब उपलब्ध कराने पर विचार कर सकती है। इससे ज्यादा से ज्यादा लोग इंश्योरेंस लेने के लिए प्रोत्साहित होंगे।

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