बजट 2023: हर साल जब आम बजट नजदीक आता है तो टैक्सपेयर्स (Income TAX) की उम्मीदें बढ़ जाती हैं। पिछले कई साल से इनकम टैक्स में सरकार ने कोई राहत नहीं दी है। इस साल नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल का आखिरी पूर्ण बजट है। लिहाजा टैक्सपेयर्स के साथ बुजुर्गों को भी उम्मीद है कि सरकार इस बार उन्हें में रेल किराए (Train Fare) में छूट का फायदा दे सकती है। दरअसल पिछले कुछ दिनों में रेल मंत्रालय से मिले डेटा के मुताबिक रेलवे की कमाई में इजाफा हुआ है। चालू वित्त वर्ष में पहले 9 महीनों यानि अप्रैल 2022 से लेकर दिसंबर 2022 के बीच रेलवे ने तगड़ी कमाई की है। इस दौरान सिर्फ रेल किराये से 48,913 करोड़ रुपए की इनकम हुई है। पिछले साल से अगर इसकी तुलना करें तो इस साल रेलवे की इनकम 71% बढ़ चुकी है। पिछले साल इसी अवधि में रेलवे को 28,569 करोड़ रुपए की कमाई हुई है।
रेलवे की कमाई के मजबूत आंकड़े देखकर सीनियर सिटिजंस उम्मीद कर रहे हैं कि सरकार इस साल आम बजट में किरायों में छूट का ऐलान दोबारा कर सकती है। कोरोनावायरस संक्रमण की वजह से 2019 से ही सीनियर सिटिजंस को रेल किराए पर छूट मिलना बंद हो चुका है। अभी तक रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेल किराए पर छूट देने का कोई वादा नहीं किया है। ऐसे में आम आदमी उम्मीद कर रहा है कि अपने कार्यकल के आखिरी पूर्ण बजट में फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण छूट का ऐलान कर सकती हैं।
जानिए कितनी छूट मिलती थी पहले?
कोरोनावायरस संक्रमण शुरू होने के बाद जब रेल की सुविधाएं बंद हुई थी तब किरायों में छूट भी खत्म हो गई। बाद में ट्रेन चलनी शुरू हुईं लेकिन टिकट किराए में रियायत दोबारा शुरू नहीं हो पाई है। संक्रमण से पहले भारतीय रेलवे 60 साल से ज्यादा उम्र वाले बुजुर्गों को किराए पर 40% का डिस्काउंट मिलता था। वहीं 58 से ज्यादा उम्र वाली महिलाओं को टिकट पर 50% तक की छूट मिलती थी।