केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई (CBI) ने पीएसएल समूह (PSL Group) और उसके डायरेक्टर्स के खिलाफ केनरा बैंक (Canara Bank) के साथ लोन फ्रॉड को लेकर मामला दर्ज किया है। सीबीआई के अनुसार, कंपनी ने लोन भुगतान में चूक कर केनरा बैंक को कथित तौर पर 428.50 करोड़ रुपये की चपत लगाई है।
न्यूज एजेंसी पीटीआई ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि CBI ने गुरुवार को मुंबई और गुजरात के कच्छ में सात स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया और इस दौरान कई अहम दस्तावेज जब्त किए। सीबीआई ने कंपनी के अलावा इसके डायरेक्टर्स- अशोक योगेंद्र पुंज, राजेंद्र कुमार बाहरी, चितरंजन कुमार, जगदीशचंद्र गोयल और आलोक योगेंद्र पुंज को भी मामले में आरोपी बनाया है।
केनरा बैंक की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी दर्ज होने के बाद सीबीआई ने जांच अपने हाथ में ले ली है। अधिकारियों के अनुसार, कंपनी पर 2016-19 के दौरान केनरा बैंक को धोखा देने की साजिश रचने और विभिन्न लोन सुविधाओं की मंजूरी मांगने का आरोप है।
इस मामले की जांच उस वक्त शुरू हुई जब केनरा बैंक ने PSL ग्रुप के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। बैंक की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए सीबीआई ने प्राथमिकी दर्ज होने के बाद जांच अपने हाथ में ले ली है।
उन्होंने कहा आरोपियों ने बैलेंस-शीट को गलत तरीके से पेश किया और बैंक से मिले पैसों का दुरुपयोग कर अपने डेटर्स से मिले रिसिवेबल्स मिलने वाली राशि को इधर-उधर किया।