यस बैंक (Yes Bank) की प्रस्तावित एसेट रिस्ट्रक्चर कंपनी (ARC) में बहुमत हिस्सेदारी खरीदने के लिए अमेरिकी प्राइवेट इक्विटी फर्म सेर्बेरस कैपिटल (Cerberus Capital) और जेसी फ्लावर्स एंड कंपनी (JC Flowers & Co) ने बोलियां जमा की हैं। इस मामले से सीधे वाकिफ दो लोगों ने यह जानकारी दी है।
Yes Bank की प्रस्तावित एआरसी की बोली लगाने के लिए कुल चार कंपनियों को शॉर्टलिस्ट किया गया था। हालांकि इसमें से दो अन्य फर्में- ओकट्री कैपिटल और अपोलो ग्लोबल मैनेजमेंट बाद में इस रेस से पीछे हट गईं। यस बैंक अपने 54,000 करोड़ से अधिक के बैड लोन को एक एसेट रिस्ट्रक्चर कंपनी (ARC) बनाकर उसे ट्रांसफर करना चाहता है।
पिछले साल कुल 13 कंपनियों ने यस बैंक के बैड लोन को खरीदने में दिलचस्पी दिखाई थी। इस मामले में यस बैंक को सलाह दे रही कंसल्टेंसी फर्म EY ने इनमें से चार बिडर्स को शॉर्टलिस्ट किया था। इन चारों को 25 जनवरी तक अपने बाइडिंग बोलियों को जमा करने के लिए कहा गया था।
प्रस्तावित एआरसी में यस बैंक के पास 20% हिस्सेदारी होगी और ARC के चेयरमैन सहित प्रमुख मैनेजेरियल पदों पर नियुक्ति का अधिकार उसके पास होगा।
यस बैंक के रिवाइवल के लिए इन बैड लोन की सफल बिक्री काफी अहम है, जिससे उसे अपनी बैलेंस शीट को मजबूत करने में मदद मिलेगी। यस बैंक इस समय अपनी बैलेंस शीट को बढ़ाने के लिए फंड जुटाना चाहता है। हाल ही में बैंक के बोर्ड ने डेट और इक्विटी के मिश्रण के जरिए 10,000 करोड़ रुपये की फंडिंग जुटाने को मंजूरी दी है।
इससे पहले पिछले हफ्ते रिपोर्ट आई थी कि इनवेस्टमेंट फर्म ऐट कैपिटल (Eight Capital) ने न्यूयॉर्क मुख्यालय वाली प्राइवेट इक्विटी फर्म JC फ्लावर्स ग्रुप (JC Flowers group) और लंदन मुख्यालय वाली एम्सो एसेट मैनेजमेंट (Emso Asset Management) के साथ अपनी पार्टनरशिप खत्म करने का फैसला किया है।
इन तीनों ने मिलकर जेसी फ्लावर्स एआरसी (JC Flowers ARC) नाम से एक ज्वाइंट वेंचर फर्म बनाया था, जिसे यस बैंक के 54,000 करोड़ रुपये से अधिक की वैल्यू के बैड लोन को खरीदने के लिए बोली जमा करनी थी। हालांकि बैड लोन के वैल्यूएशन को लेकर Eight Capital की बाकी दोनों फर्मों के साथ सहमति नही थीं, जिसके चलते उसने इस पार्टनरशिप से खुद को अलग करने का फैसला किया है।