भारतीय क्रिप्टो एक्सचेंज कॉइनस्विच कुबेर (CoinSwitch Kuber) और वजीरएक्स (WazirX) ने यूपीआई (UPI) के जरिए अपने प्लेटफॉर्म पर पैसा जमा करने और क्रिप्टोकरेंसी खरीदने पर रोक लगा दी है। इसके चलते यूजर्स को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और वे सोशल मीडिया पर इस कदम के खिलाफ चिंता जता रहे हैं।
UPI पेमेंट सिस्टम को विकसित करने वाली नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने पिछले हफ्ते कहा था कि उसे UPI का इस्तेमाल करने वाले किसी क्रिप्टो एक्सचेंज की कोई जानकारी नहीं है। NPCI के इसी बयान के बाद दोनों क्रिप्टो-एक्सचेंज ने यूपीआई के जरिए पैसे जमा करने और क्रिप्टोकरेंसी खरीदने की सेवा को रोकने का फैसला किया है।
NPCI ने अपने बयान में कहा था, 'कुछ मीडिया रिपोर्टों से UPI के जरिए क्रिप्टोकरेंसी खरीदने की सुविधा देने की जानकारी मिली है। NPCI यह साफ करना चाहता है कि उसे UPI का इस्तेमाल करने वाले किसी भी क्रिप्टो एक्सचेंज के बारे में कोई जानकारी नहीं है।'
NPCI के बयान से क्या पड़ेगा असर?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2022 को बजट पेश करते हुए क्रिप्टोकरेंसी से होने वाली कमाई पर 30 फीसदी टैक्स लगाने का ऐलान किया था। हालांकि इसके बावजूद क्रिप्टोकरेंसी अभी भी भारत में कानूनी रूप से मान्य नहीं है। भारत सरकार क्रिप्टोकरेंसी को लेकर एक बिल लाने की तैयारी कर रही है और उसके बाद ही क्रिप्टो की वैधानिकता पर स्थित साफ होगी। क्रिप्टोकरेंसी को जब तक आधिकारिक रूप से मान्यता नहीं मिलती, तब तक NPCI जैसी रेगुलेटरी बॉडी अपने UPI प्लेटफॉर्म पर क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े पेमेंट को मंजूरी नहीं दे सकती है। यहीं कारण है कि क्रिप्टो-एक्सचेंजों को यूपीआई के जरिए पैसे जमा करने या क्रिप्टोकरेंसी खरीदने की सेवा हटानी पड़ रही है।
कॉइनस्विच कुबेर ने इंडियन करेंसी में डिपॉजिट रोकी
CoinSwitch Kuber अपने यूजर्स को इंडियन करेंसी जमा करने की इजाजत नहीं दे रहा है। उसके प्लेटफॉर्म पर UPI के अलावा एनईएफटी/ आरटीजीएस/ आईएमपीएस के जरिए होने वाले डिपॉजिट भी बंद हो गए हैं। इस घटनाक्रम के बारे में कॉइनस्विच कुबेर की तरफ से अभी तक कोई टिप्पणी नहीं मिल सकी है।
WazirX पर नहीं उपलब्ध है UPI
वहीं उसकी प्रतिद्वंदी कंपनी WazirX ने ट्विटर पर बताया, "UPI उपलब्ध नहीं है।" वजीरएक्स ने साथ ही यह भी कहा कि UPI के जरिए पैसे डिपॉजिट करने की समस्या कब दूर होगी, इसके बारे में वह पक्के तौर पर कुछ नहीं बता सकती।
Coinbase ने भी यूपीआई पेमेंट पर लगाई रोक
अमेरिका बेस्ड कॉइनबेस (Coinbase) ने भारत में अपनी ट्रेडिंग सर्विसेज लॉन्च होने के महज तीन दिन के बाद ही यूपीआई पेमेंट पर रोक लगा दी थी। दुनिया के सबसे बड़े एक्सचेंज ने 7 अप्रैल को बेंगलुरु में एक भव्य कार्यक्रम के जरिए भारत में बिजनेस शुरू करने का ऐलान किया था। NPCI के रडार पर आने से पहले कंपनी ने कहा था कि वह यूजर्स को UPI के इस्तेमाल से क्रिप्टोकरेंसीज खरीदने की अनुमति देगी। UPI से होने वाले पेमेंट्स NPCI के दायरे में आते हैं।