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Crypto News: UAE न जा पाएं Binance के पूर्व CEO, इस कारण अमेरिका लगा रहा पूरा जोर

Crypto News: दिग्गज क्रिप्टो एक्सचेंज बाईनेंस (Binance) के पूर्व सीईओ चैंगपेंग झाओ यूएई अपने घर जा सकें, उनके वकील इसकी पूरी कोशिश कर रहे हैं। हालांकि अमेरिकी सरकार पूरी तरह से इसके विरोध में है। चैंगपेंग के जमानत की शर्तों को पलटने के लिए जस्टिस डिपार्टमेंट ने अनुरोध किया हुआ है तो उनके वकील इस अनुरोध के खिलाफ भी अनुरोध कर रहे हैं। समझें क्या है यह पूरा मामला

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Nov 25, 2023 पर 1:31 PM
Crypto News:  UAE न जा पाएं Binance के पूर्व CEO, इस कारण अमेरिका लगा रहा पूरा जोर
बाइनेंस के पूर्व सीईओ चैंगपैंग झाओ को मनी लॉन्ड्रिंग को रोकने से जुड़े कार्यक्रमों को जारी रखने में असफल रहने में दोषी ठहराया गया है।

दिग्गज क्रिप्टो एक्सचेंज बाईनेंस (Binance) के पूर्व सीईओ चैंगपेंग झाओ संयुक्त अरब अमीरात में अपने घर जा सकें, इसके लिए उनके वकीलों ने अमेरिकी जज के पास आवेदन किया है। इस याचिका में अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट के उस अनुरोध को खारिज करने का आग्रह किया गया है जिसमें चैंगपेंग को मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े नियमों के उल्लंघन मामले में सजा होने तक यूएआई जाने से रोकने का आग्रह किया गया है। मजिस्ट्रेट जज ने मंगलवार को चैंगपेंग के जमानत की शर्तें तय की थी और इसी को पलटने के लिए जस्टिस डिपार्टमेंट ने आग्रह किया हुआ है।

इन शर्तों के हिसाब से सजा का इंतजार करते हुए चैंगपैंग को यूएई जाने की मंजूरी मिली। हालांकि जस्टिस डिपार्टमेंट इसके खिलाफ है। अब जस्टिस डिपार्टमेंट के इस आग्रह के खिलाफ चैंगपैंग के वकीलों ने गुरुवार को सिएटल में अमेरिकी जिला न्यायाधीश रिचर्ड जोन्स के पास आवेदन किया। चैंगपैंग झाओ यूएआई और कनाडा के नागरिक हैं और मंगलवार को दोषी पाए जाने के बाद उन्होंने बाईनेंस के सीईओ का पद छोड़ दिया था।

अमेरिकी अधिकारी क्यों नहीं जाने देना चाहते UAE

जस्टिस डिपार्टमेंट ने जस्टिस रिचर्ड जोन्स को सोमवार तक अमेरिकी मजिस्ट्रेट न्यायाधीश Brian Tsuchida के एक फैसले को पलटने के लिए कहा है। इसे फैसले में चैंगपेंग झाओ को 23 फरवरी की सजा से पहले संयुक्त अरब अमीरात में घर लौटने की अनुमति दी गई थी। वह उसे 17.5 करोड़ डॉलर के जमानत बांड पर रिहा करने पर सहमत हुए थे। अमेरिकी अधिकारी उसे इसलिए यूएआई नहीं जाने देना चाहते हैं क्योंकि एक यूएई के साथ अमेरिका की प्रत्यर्पण संधि नहीं हैं। इसका मतलब हुआ कि अगर चैंगपेंग झाओ वहां जाने के बाद सजा के लिए अमेरिका नहीं लौटना चाहे तो अमेरिका उसे मजबूर भी नहीं कर पाएगा।

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