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BharatPe Controversy: गलत पेमेंट, फर्जी वेंडर्स...जानिए BharatPe की जांच में क्या-क्या सामने आया

रिजर्व बैंक (RBI) भी भारतपे में कॉर्पोरेट गवर्नेंस के पालन का पता लगा रहा है। इसकी वजह है कि भारतपे यूनिटी स्मॉल फाइनेंस बैंक (Unity SFB) के प्रमोटरों में से एक है। आरबीआई बैंक का लाइसेंस तभी देता है, जब उसके प्रमोटर को फिट और प्रॉपर पाया जाता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Feb 07, 2022 पर 11:15 AM
BharatPe Controversy: गलत पेमेंट, फर्जी वेंडर्स...जानिए BharatPe की जांच में क्या-क्या सामने आया
भारतपे एचआर कंसल्टेंट्स के जरिए इंप्लॉयीज का रिक्रूटमेंट करती थी। इसके लिए वह एचआर कंसल्टेंट्स को फीस चुकाती था। जांच में पाया गया है कि कंपनी खुद स्टाफ की भर्ती करती थी। लेकिन इसके लिए फीस कई स्टाफिंग कंपनियों को चुकाई जाती थी।

भारतपे के मैनेजिंग डायरेक्टर अशनीर ग्रोवर की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। रिस्क एडवायजरी फर्म अल्वारेज एंड मार्शल (A&M) की जांच में चौंकाने वाली चीजें सामने आई हैं। भारतपे कंपनी के प्रैक्टिसेज, अकाउंटिंग, एप्रूवल प्रोसेस, एक्सपेंसेज और हायरिंग की व्यापक जांच करा रही है। इसके लिए कंसल्टेंसी फर्म पीडब्लूसी (PwC) की सेवाएं भी ली जा रही हैं।

उधर, रिजर्व बैंक (RBI) भी भारतपे में कॉर्पोरेट गवर्नेंस के पालन का पता लगा रहा है। इसकी वजह है कि भारतपे यूनिटी स्मॉल फाइनेंस बैंक (Unity SFB) के प्रमोटरों में से एक है। आरबीआई बैंक का लाइसेंस तभी देता है, जब उसके प्रमोटर को फिट और प्रॉपर पाया जाता है। उसका कॉर्पोरेट गवर्नेंस का रिकॉर्ड भी अच्छा होना जरूरी है।

अल्वारेज एंड मार्शल (A&M) ने अपनी रिपोर्ट 24 जनवरी को भारतपे के बोर्ड को सौंपी थी। इसमें फाइनेंशियल फ्रॉड होने की जानकारी दी गई है। बताया गया है कि इसके दो मुख्य आधार हैं। इसमें से पहला रिक्रूटमेंट से घोटाले से जुड़ा है। दूसरा, ऐसे वेडर्स को पेमेंट से जुड़ा है, जो वास्तव में हैं ही नहीं। दरअसल, भारतपे की स्थापना के बाद से अशनीर ग्रोवर की पत्नी माधुरी ग्रोवर कंपनी में बड़ी जिम्मेदारी संभाल रही थीं। वह प्रोक्योरमेंट और एडमिन डिपार्टमेंट की हेड थीं।

भारतपे एचआर कंसल्टेंट्स के जरिए इंप्लॉयीज का रिक्रूटमेंट करती थी। इसके लिए वह एचआर कंसल्टेंट्स को फीस चुकाती था। जांच में पाया गया है कि कंपनी खुद स्टाफ की भर्ती करती थी। लेकिन इसके लिए फीस कई स्टाफिंग कंपनियों को चुकाई जाती थी, जिनका इस रिक्रूटमेंट से कुछ भी लेनादेना नहीं होता था। पता चला है कि ये कंपनियां आपस में जुड़ी हुई थीं और इनका कनेक्शन माधुरी ग्रोवर से था।

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