ED ने मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर संजय पांडे को किया गिरफ्तार, NSE को-लोकेशन घोटाले मामले में हुई कार्रवाई

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर संजय पांडे को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को-लोकेशन घोटाला मामले में गिरफ्तार किया

अपडेटेड Jul 19, 2022 पर 9:18 PM
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संजय पांडे 1986 बैच के IPS अधिकारी है और वे 30 जून को रिटायर हुए थे

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर संजय पांडे (Sanjay Pandey) को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को-लोकेशन घोटाला मामले में गिरफ्तार किया। पांडे NSE के कर्मचारियों की कथित अवैध फोन टैपिंग से जुड़े मनी-लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए मंगलवार को लगातार दूसरे दिन दिल्ली में ईडी के सामने पेश हुए थे।

न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, संजय पांडे ने मंगलवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाकात भी की थी। एक अधिकारी ने बताया कि यह मुलाकात नई दिल्ली में हुई और 15 मिनट तक चली।

संजय पांडे 1986 बैच के IPS अधिकारी है और वे 30 जून को अपनी सेवा से रिटायर हो गए थे। मुंबई के पुलिस कमिश्नर के रूप में उनका कार्यकाल चार महीने का रहा था और इससे पहले उन्होंने महाराष्ट्र के कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक (DGP) के रूप में भी कार्य किया था।


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ED ने इससे 5 दिन पहले NSE की पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ चित्रा रामकृष्ण को भी सीबीआई से अपनी कस्टडी में लिया था। ईडी ने 14 जुलाई को चित्रा रामकृष्ण, संजय पांडे और NSE के एक और पूर्व चीफ रवि नारायण के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत केस दर्ज किया था।

इससे पहले सीबीआई ने भी इन तीनों के खिलाफ NSE कर्मचारियों की 2009 से 2017 के बीच अवैध फोन टैपिंग कराने को लेकर केस दर्ज किया था। चित्रा रामकृष्ण साल 2013 से 2016 के बीच NSE की मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ थीं।

CBI का कहना है कि रवि नारायण और रामकृष्ण ने NSE के कर्मचारियों की जासूसी कराने के लिए एक कंपनी को हायर किया था, जिसकी स्थापना संजय पांडे ने की थी। यह कंपनी कर्मचारियों के अवैध तरीके से फोन कॉल रिकॉर्ड करती थी।

कर्मचारी की कथित जासूसी करान के इस मामले का ED ने पता लगाया था, जिसने गृह मंत्रालय को इसकी सूचना दी। न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक गृह मंत्रालय ने बाद में सीबीआई को इन आरोपों की जांच करने को कहा।

सीबीआई ने अपनी जांच के दौरान पाया कि एक पत्रकार ने संजय पांडे को रामकृष्ण से मिलवाया था। यह मुलाकात उस समय हुई थी जब संजय पांडे ने IPS की अपनी नौकरी छोड़कर एक कंपनी शुरू की थी।

नाम न छापने की शर्त पर 12 जुलाई को एक सूत्र ने मनीकंट्रोल को बताया है यह पत्रकार मुंबई का रहने वाला/वाली है और सीबीआई जल्द इससे अवैध फोन टैपिंग मामले में पूछताछ कर सकती है।

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