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बिल्डर-बायर फ्रॉड केस में ED का बड़ा एक्शन, रामप्रस्थ ग्रुप के संदीप यादव और अरविंद वालिया गिरफ्तार

Builder-Buyer Fraud Case : संदीप यादव और अरविंद वालिया, रामप्रस्थ प्रमोटर्स एंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक और प्रमोटर हैं। ईडी ने 21 जुलाई 2025 को दिल्ली और गुरुग्राम में उनके घरों और ऑफिस पर छापेमारी की थी। यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLE) 2002 के तहत की गई

MoneyControl Newsअपडेटेड Jul 21, 2025 पर 2:20 PM
बिल्डर-बायर फ्रॉड केस में ED का बड़ा एक्शन, रामप्रस्थ ग्रुप के संदीप यादव और अरविंद वालिया गिरफ्तार
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में बड़ा एक्शन लिया है।

Builder-Buyer Fraud Case : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में रामप्रस्थ ग्रुप से जुड़े दो लोगों, संदीप यादव और अरविंद वालिया को गिरफ्तार किया है। ये दोनों रामप्रस्थ प्रमोटर्स एंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक और प्रमोटर हैं। ईडी ने 21 जुलाई 2025 को दिल्ली और गुरुग्राम में उनके घरों और ऑफिस पर छापेमारी की थी। यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLE) 2002 के तहत की गई।

बिल्डर-बायर फ्रॉड केस में हुआ ये एक्शन

ईडी के मुताबिक, रामप्रस्थ प्रमोटर्स एंड डेवलपर्स प्रा. लि. (RPDPPL) ने एज, स्काईज़, राइज़ और रामप्रस्थ सिटी जैसी रियल एस्टेट परियोजनाओं के नाम पर करीब 2,000 से ज्यादा लोगों से लगभग 1,100 करोड़ रुपये जुटाए थे। कंपनी ने बीते 15 से 20 सालों में यह पैसा इकट्ठा किया, लेकिन आरोप है कि अब तक न तो खरीदारों को फ्लैट दिए गए और न ही प्लॉट का कब्जा मिला, जैसा कि शुरुआत में वादा किया गया था। 11 जुलाई 2025 को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अपनी जांच के दौरान रामप्रस्थ प्रमोटर्स एंड डेवलपर्स प्रा. लि. और उसकी सहयोगी कंपनियों की करीब 681.54 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त किया था। यह कार्रवाई चल रही जांच का हिस्सा थी।

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