प्रवर्तन निदेशालय (ED) की निर्णायक अथॉरिटी ने एक नॉन-बैकिंग फाइनेंस कंपनी (NBFC) पर 2,146 करोड़ रुपये का भारी-भरकम जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना कथित तौर पर कुछ चीनी कंपनियों के साथ मिलकर लोन ऐप चलाने के आरोप में लगाया है। जिस कंपनी पर जुर्माना लगाया गया है, उसका नाम पीसी फाइनेंशियल सर्विसेज (PCFS) है। PC फाइनेंशियल सर्विसेज पर FEMA नियमों के उल्लंघन के आरोप लगे हैं। जांच एजेंसी के मुताबिक, कंपनी पर चीन और नॉर्वे की संस्थाओं से जुड़े होने के आरोप शामिल हैं। यह पहली बार है जब किसी भारतीय NBFC पर लोन ऐप चलाने के आरोप में इतनी बड़ी राशि का जुर्माना लगाया गया है।
ED के जांच अधिकारियों के अनुसार, पीसी फाइनेंशियल सर्विसेज ने "कैशबीन" नामक एक मोबाइल ऐप के जरिए भारत में पैसे उधार देने का कारोबार चलाया। ED की जांच में पाया गया कि इस कंपनी और इसके लोन ऐप्स पर चीनी मालिकों का "पूरा नियंत्रण" था। इसके अलावा, कंपनी ने करीब 430 करोड़ रुपये 'सॉफ्टवेयर लाइसेंस और सेवाओं के आयात' के नाम पर विदेशी संस्थाओं को भेजे, जिसे जांच एजेंसी ने "फर्जी" करार दिया है।
ED की निर्णायक अथॉरिटी ने एक बयान में कहा, "कानून की उचित प्रक्रिया का पालन करने के बाद कार्यवाही पूरी कर ली गई है। नोटिसधारियों के खिलाफ लगाए गए कथित उल्लंघनों, उनके लिखित जवाबों और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान दिए गए दलीलों और दस्तावेजों की सावधानीपूर्वक जांच करने पर यह पाया गया है कि FEMA उल्लंघन के आरोप स्पष्ट रूप से साबित हो रहे हैं।"
अधिकारियों ने बताया कि 7 अक्टूबर को जांच के पूरा होने के बाद PC फाइनेंशियल सर्विसेज की करीब 252.36 करोड़ रुपये की भारतीय संपत्तियों को जब्त कर लिया गया था।