FEMA Violation: ED ने Paytm को दिया है ₹611 करोड़ का कारण बताओ नोटिस, गलतियों की गिनाई लिस्ट

ED ने बयान में कहा कि जांच में पाया गया कि One97 Communications ने सिंगापुर में विदेशी निवेश किया और ओवरसीज स्टेपडाउन सब्सिडियरी के गठन के बारे में भारतीय रिजर्व बैंक को जरूरी सूचना नहीं दी। कंपनी ने RBI की ओर से तय प्रॉपर प्राइसिंग गाइडलाइंस का पालन किए बिना विदेशी निवेशकों से FDI भी हासिल किया था

अपडेटेड Mar 03, 2025 पर 10:08 PM
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Paytm के फाउंडर विजय शेखर शर्मा, इसके चेयरमैन, मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ हैं।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने Paytm की पेरेंट कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस को कितने करोड़ रुपये का कारण बताओ नोटिस जारी किया है और क्यों, इसका खुलासा किया है। ED के मुताबिक, उसने विभिन्न मामलों में फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (FEMA) के नियमों के उल्लंघन के लिए पेटीएम की पेरेंट कंपनी, उसके मैनेजिंग डायरेक्टर और उससे जुड़ी इकाइयों को 611 करोड़ रुपये का कारण बताओ नोटिस जारी किया है। पेटीएम के फाउंडर विजय शेखर शर्मा, इसके चेयरमैन, मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ हैं।

पेटीएम ने 1 मार्च को शेयर बाजारों को इस नोटिस के बारे में बताया था। कहा था कि यह नोटिस दो सहायक कंपनियों- लिटिल इंटरनेट प्राइवेट लिमिटेड और नियरबाय इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की खरीद में FEMA, 1999 के कुछ प्रावधानों के कथित उल्लंघन से जुड़ा है। पेटीएम ने दोनों कंपनियों का अधिग्रहण 2017 में किया था।

RBI को नहीं दी जरूरी सूचना


ED ने बयान में कहा कि जांच में पाया गया कि वन97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड ने सिंगापुर में विदेशी निवेश किया और ओवरसीज स्टेपडाउन सब्सिडियरी के गठन के बारे में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को जरूरी सूचना नहीं दी। इसलिए ED ने FEMA के प्रावधानों के उल्लंघन के लिए वन97 कम्युनिकेशंस के मैनेजिंग डायरेक्टर, लिटिल इंटरनेट प्राइवेट लिमिटेड और नियरबाय इंडिया प्राइवेट लिमिटेड जैसी पेटीएम की अन्य सब्सिडियरी कंपनियों को लगभग 611 करोड़ रुपये का कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

बयान में आरोप लगाया गया कि वन97 कम्युनिकेशंस ने RBI की ओर से तय प्रॉपर प्राइसिंग गाइडलाइंस का पालन किए बिना विदेशी निवेशकों से प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) भी हासिल किया था। ED ने कहा कि वन97 कम्युनिकेशंस की भारत में सब्सिडियरी लिटिल इंटरनेट को विदेशों से FDI मिला। लेकिन इसके लिए RBI की प्राइसिंग गाइडलाइंस का पालन नहीं किया गया। दूसरी सब्सिडियरी नियरबाय इंडिया ने RBI की समयसीमा के अंदर कंपनी को हासिल हुए FDI के बारे में जानकारी नहीं दी।

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नोटिस पर Paytm का क्या है कहना

अपनी सफाई में पेटीएम ने कहा है कि कुछ कथित उल्लंघन उस अवधि से जुड़े हैं, जब ये दोनों कंपनियां पेटीएम की सहायक कंपनियां नहीं थीं। पेटीएम के अनुसार, कथित उल्लंघन में वन97 कम्युनिकेशंस के 245 करोड़ रुपये से अधिक के लेनदेन, लिटिल इंटरनेट के लगभग 345 करोड़ रुपये और नियरबाय इंडिया के लगभग 21 करोड़ रुपये के लेनदेन को सूचीबद्ध किया गया है। कंपनी का कहना है कि लागू कानूनों और रेगुलेटरी प्रोसेस के अनुसार मामले को हल करने के लिए, कंपनी आवश्यक कानूनी सलाह ले रही है और उचित उपायों का मूल्यांकन कर रही है।

यह भी कहा कि वह अपनी सभी बिजनेस प्रैक्टिसेज में पारदर्शिता, गवर्नेंस और अनुपालन के सिद्धांतों को कायम रखती है। इस मसले को लागू कानूनों के अनुसार हल करने पर फोकस किया जा रहा है। पेटीएम ने कहा कि नोटिस का उपभोक्ताओं और मर्चेंट को दी जाने वाली उसकी सर्विसेज पर कोई प्रभाव नहीं है।

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