अरबपति बिजनेसमैन एलॉन मस्क (Elon Musk) और सोशल मीडिया कंपनी ट्विटर (Twitter) के बीच जारी विवाद में एक नया मोड़ आ गया है। Elon Musk ने एक बार फिर से Twitter को खरीदने के लिए उसके सामने प्रस्ताव रखा है। न्यूज एजेंसी ब्लूमबर्ग ने सूत्रों के हवाले से यह एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी है। माना जा रहा है मस्क ने ट्विटर के साथ कानूनी लड़ाई से बचने के लिए उसके सामने यह प्रस्ताव रखा है।
रिपोर्ट के मुताबिक एलॉन मस्क ने Twitter को लिखे एक लेटर में कहा है कि वह कंपनी को अपने पुराने ऑफर पर खरीदने को तैयार हैं। बता दें कि Elon Musk ने ट्विटर को पहले 54.20 डॉलर प्रति शेयर के भाव पर उसकी पूरी हिस्सेदारी को खरीदने का प्रस्ताव रखा था। इस रिपोर्ट के सामने आते ही मंगलवार को ट्विटर के शेयरों में 18 फीसदी की जबरदस्त उछाल देखी गई, जिसके बाद कुछ देर के लिए इसमें कारोबार रोकना पड़ा है।
मस्क ने इस साल अप्रैल में ट्विटर को पहली बार 54.20 डॉलर प्रति शेयर के भाव पर खरीदने का प्रस्ताव रखा था। दोनों के बीच एक समझौते पर हस्ताक्षर भी हुआ था। हालांकि उसके बाद एलॉन मस्क इस डील से पीछे हट गए और वह महीनों से इस समझौते को खत्म करने की कोशिश में लगे थे। हालांकि एलॉन मस्क के पीछे हटने के बाद ट्विटर ने उनके खिलाफ केस दायर कर दिया, जिसके बाद से दोनों में कानूनी विवाद जारी था।
Elon Musk ने आरोप लगाया था कि ट्विटर ने अपने प्लेटफॉर्म पर यूजर्स की संख्या को लेकर उन्हें सही जानकारी दी, जो ट्विटर की वैल्यू लगाने का उनके लिए एक प्रमुख आधार था। मस्क ने कहा कि ट्विटर ने अपने प्लेटफॉर्म के कुल यूजर्स में से बॉट या स्पैम यूजर्स की संख्या 5 फीसदी से कम बताई थी, जबकि हकीकत में यह काफी ज्यादा हैं।
मस्क ने ट्विटर के सामने ऐसे समय यह प्रस्ताव रखा है, जब अगले कुछ दिनों में ट्विटर की याचिका पर उनके खिलाफ सुनवाई थी। ट्विटर ने डील से पीछे हटने के लिए मस्क के खिलाफ डेलावेयर की कोर्ट में केस दायर किया था, जहां 17 अक्टूबर से सुनवाई होनी थी। ट्विटर ने याचिका में कहा था कि मस्क के साथ हुआ समझौता कानूनी रूप से बाध्यकारी था और वे समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद 54.20 रुपये प्रति शेयर पर कंपनी को खरीदने से पीछे नहीं हट सकते हैं।
माना जा रहा है कि मस्क ने इस कानूनी लड़ाई के लंबा खिंचने और इसका उनके अन्य कारोबार पर असर पड़ने की संभावना को देखते हुए ट्विटर के सामने डील को पुराने ऑफर पर पूरा करने का प्रस्ताव रखा है, जिससे यह मामला कोर्ट के बाहर ही सुलट जाए।