BharatPe से अशनीर ग्रोवर का टूटा नाता, कहा-जीवन में कभी निवेशक का 'गुलाम' नहीं बनूंगा
अशनीर ग्रोवर ने प्रमोटरों के खिलाफ जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इनके बारे में मेरे पास ऐसी बातें हैं, जिसे अगर मैं बताना शुरू कर दूं तो सिकोइया इंडिया में एक भी इनवेस्टमेंट नहीं करेगी। इनके पीछे ED और CBI नजर आएंगी।
Bhartpe के फाउंडर अशनीर ग्रोवर ने कंपनी से इस्तीफा दे दिया है
भारतपे के बोर्ड और मैनेजमेंट से कई हफ्ते तक चली लड़ाई के बाद अशनीर ग्रोवर ने कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर के पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कंपनी छोड़ने के लिए 4,000 करोड़ रुपये मांगे थे। अभी यह पता नहीं चला है कि कंपनी उन्हें यह पैसे देने जा रही है या नहीं। लेकिन, मनीकंट्रोल को दिए इंटरव्यू से संकेत मिला है कि उन्हें कोई नई कंपनी शुरू करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने मनीकंट्रोल से खुलकर बात की। हर पहलू पर अपनी राय रखी। उन्होंने अपने इमोशंस को छिपाने की कोई कोशिश नहीं की। आइए जानते हैं इंटरव्यू की मुख्य बातें।
आपने रिजाइन करने का फैसला क्यो लिया?
आप जो चाहते हैं वह फैसला लेते हैं। आप सिर्फ मेरे, मेरी पत्नी और मेरे पूरे परिवार के पीछे पड़े थे। क्या आपने कभी मुझे एक बार फोन किया? यह किस तरह का प्रोसेस है कि SBI का पूर्व चेयरमैन एक महीने के लिए इसे कॉन्फिडेंशियल नहीं रख सकता है।
आपका नेक्स्ट स्टेप क्या होगा?
मैं डिसक्लोज नहीं करूंगा। मैं बहुत क्लियर हूं, मैं एक प्राइवेट पर्सन रहूंगा। मैं मीडिया के हिसाब से अपनी जिंदगी नहीं जिउंगा, मैं जिदंगी में दोबारा इन इनवेस्टर्स का स्लेव नहीं बनूंगा। मैं अपनी शर्तों के साथ जिंदगी जिउंगा।
मैं अब उन तुरखिया (भाविन) और कामत (नितिन) जैसे लोगों को सम्मान से देखता हूं, जिनके पास 100 फीसदी ओनरशिप के साथ बिजनेस खड़ा करने का साहस है। इसमें थोड़ ज्यादा समय लगेगा। लेकिन, मैं जो बनाउंगा इस पर मेरा कंट्रोल होगा और इसे ऐसे लोगों के लिए नहीं बनाउंगा जो मौकापरस्त हैं।
क्या आप इसे खुद और अपने परिवार के प्रति इनजस्टिस मानते हैं, क्योंकि आपकी पत्नी कंपनी में बहुत सीनियर एग्जिक्यूटिव थी?
बिल्कुल, ऐसा है। न सिर्फ इनजस्टिस, इसे पुरुषवादी वर्चस्व कहना ठीक होगा। टर्मिनेशन लेटर में उन लोगों के एक लेजर ट्रीटमेंट का जिक्र किया है। मैं आपको यह बता सकता हूं कि उन्होंने किस लेवल के झूठ का सहारा लिया है। मेरी पत्नी को स्किन की प्रॉब्लम थी। वह इसका इलाज करा रही थी। इसका बिल प्राइवेट बिल था। उसने इसका पेमेंट किया था। यह बिल ड्रावर में पड़ा था। उन्होंने इसे उठाया और कहा कि तुमने इसे कंपनी से क्लेम किया है।
मैं उन्हें चैलेंज करता हूं-अमरचंद--शार्दुल (श्रॉफ), पल्लवी (श्रॉफ)--किस तरह के प्रोसेस का आप इस्तेमाल कर रहे हैं? कोई ऑडिट नहीं हुआ। आप कुछ भी लेटर में लिख सकते हैं। क्यों? क्योंकि आप इसे मीडिया में ले जाना चाहते हैं और एक स्टोरी गढ़ना चाहते हैं। ताकि आप इसे सबको सुना सकें।
अशनीर, आपने पहले कहा था कि आप पूरी लड़ाई लड़ेंगे। लेकिन, अब आपका रुख बदला हुआ लग रहा है। आप कहते हैं कि आप इसे और खींचना नहीं चाहते। आखिर इस बदलाव की क्या वजह है?
मेरा एक क्लास है। इन लोगों का कोई क्लास नहीं है। मैं सॉरी हूं लेकिन रजनीश कुमार, केवल हांडा, मिसी, हरजीत, राहुल किशोर.. मुझे सुमीत (सिंह) और सुहैल (समीर) के बारे में तो बोलने की भी जरूरत नहीं है। मैं इन लोगों की कंपनी में नहीं रहना चाहता। इनके बारे में मेरे पास ऐसी बातें हैं, जिसे अगर मैं बताना शुरू कर दूं तो सिकोइया इंडिया में एक भी इनवेस्टमेंट नहीं करेगी। इनके पीछे ED और CBI नजर आएंगी।
यह किस इनवेस्टमेंट से जुड़ा है?
मुझे बहुत ज्यादा पता है, लेकिन क्यों मुझे हवा में बातें उछालनी चाहिए? मैं सिकोइया को टीवी डिबेट के लिए चैलेंज करता हूं। सिकोइया चाहे तो किसी को बोलने के लिए नॉमिनेट कर सकती है।
अब केस का क्या होगा, जब आपने कंपनी से रिजाइन कर दिया है?
यह बनाया गया केस है। वे वह सब कुछ कर सकते हैं, जो वह चाहते हैं। क्या आपको लगता है कि मेरे पास उनके खिलाफ 10 केसेज नहीं हैं? भाविक कोलडाडिया मुझे रजनीश कुमार के घर से फोन कर रहा है और मुझे धमकी दे रहा है-- यह तो सिर्फ पूरी फिल्म का ट्रेलर भर है। उनके खिलाफ मेरे पास हजारों चीजें हैं।
क्या आप कंपनी के शेयरहोल्डर बने रहेंगे?
मैं कंपनी का अकेला सबसे बड़ा शेयरहोल्डर हूं। मेरे शेयर मेरे लिए कमर्शियली वैल्यूएबल हैं। मैं उन्हें रख सकता हूं या सबसे ज्यादा पैसे देने वाले को बेच सकता हूं।
क्या बोर्ड ने आपको किसी तरह का मॉनेटरी कंपनसेशन ऑफर किया है?
मैं कोई भिखारी नहीं हूं। बोर्ड तो मेरी आंखों में आंखे डालकर बात भी नहीं कर सकता। मैं उनकी दया पर निर्भर नहीं हूं। वे हमारी दया पर हैं। इनवेस्टर्स को फाउंडर्स चाहिए। मुझे उनकी जरूरत नहीं।
आगे आप क्या करना चाहेंगे?
मैं अशनीर ग्रोवर हूं। मैं एक बिल्डर हूं। चीजें बिल्ड करने के लिए जो भी जरूरी होगा, मैं करूंगा। मैं किसी के प्रति जवाबदेह नहीं हूं।
हमें पता है कि माधुरी ग्रोवर को मीटिंग के लिए बुलाय गया था। उन्हें जांच के नतीजों के बारे में बताया गया। उन्हें अपना पक्ष रखने को कहा गया है। क्या आप इस बारे में कुछ बताएंगे?
उन्हें (माधुरी) मीटिंग के लिए बुलाया गया था। हमने कहा कि हमारे बेट का एग्जाम है और पूछा कि क्या वह दो दिन बाद मीटिंग के लिए आ सकती हैं? हमारी रिक्वेस्ट रिजेक्ट कर दी गई। उन्हें अगले दिन आने को कहा गया। यह पहली बार था कि उन्हें बुलाया गया था। ऐसा नहीं है कि उन्हें कई बार मीटिंग के लिए बुलाया गया और हमने रिजेक्ट कर दिया।
हम वेन्यू पर पहुंचे। हमारे साथ हमारे वकील थे। वह मीटिंग के लिए अकेले अंदर गईं। मेरे वकील ने रिक्वेस्ट किया कि उन्हें भी अंदर जाने की इजाजत दी जाए। लेकिन, उन्होंने इजाजत नहीं दी। माधुरी के साथ वकील क्यों नहीं बैठ सकता है?
दूसरा, उन्होंने माधुरी का जवाब जानने के लिए एक भी पेपर पेश नहीं किया। एक भी डॉक्युमेंट नहीं। वह वहां तीन घंटे तक रही। एक भी वॉशरूम ब्रेक नहीं लिया। उन्हें इतनी कर्ट्सी भी नहीं थी कि वे उन्हें फूड ऑफर करें।
जब माधुरी ने सुहैल सहित दूसरों ने जो किया है उसके बारे में बताना शुरू किया तो उन्होंने उन्हें रोक दिया और कहा कि यह सिर्फ आपके बारे में है। उन्होंने सिंगल पेपर तक नहीं दिया। कहां गया नेचुलर जस्टिस का कॉनसेप्ट?