Job Cut: फिडेलिटी इन्वेस्टमेंट्स ने भारत में खत्म की 500 नौकरियां, जानिए क्या है इसकी वजह

Job Cut: फिडेलिटी इन्वेस्टमेंट्स ने भारत में 500 पद खत्म कर दिए हैं। हालांकि, कंपनी का कहना है कि नई भर्तियों की योजना जारी रहेगी। जानिए फिडेलिटी इन्वेस्टमेंट्स ने किस वजह से भारत में नौकरियां खत्म की हैं।

अपडेटेड Jul 22, 2025 पर 2:25 PM
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जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Gen AI) की तेजी से बढ़ती स्वीकार्यता ने भी कई पदों को गैरजरूरी बना दिया है।

Job Cut: अमेरिकी फाइनेंशियल सर्विसेज दिग्गज फिडेलिटी इन्वेस्टमेंट्स (Fidelity Investments) ने भारत में 500 पद खत्म कर दिए हैं। यह कदम कंपनी की ग्लोबल लोकेशंस में कर्मचारियों का रीबैलेंस (rebalance) करने की व्यापक योजना का हिस्सा है।

वर्कप्लेस इन्वेस्टिंग यूनिट पर असर

इस मामले से वाकिफ सूत्रों ने मनीकंट्रोल को बताया कि ये कटौती मुख्य रूप से फिडेलिटी वर्कप्लेस इन्वेस्टिंग डिविजन में की गई है। यह कंपनी की वह यूनिट है, जो कंपनियों को रिटायरमेंट और वर्कप्लेस बेनिफिट्स देने के सॉल्यूशंस मुहैया कराती है। यही यूनिट इस रीस्ट्रक्चरिंग से सबसे अधिक प्रभावित हुई है।


फिडेलिटी ने छंटनी पर क्या कहा?

फिडेलिटी के प्रवक्ता ने मनीकंट्रोल को ईमेल के जरिए बताया, 'फिडेलिटी लगातार अपने काम करने के तरीके और वैश्विक उपस्थिति में बदलाव करती रहती है, ताकि कारोबारी जरूरतों के हिसाब से ढल सके। ऐसे में समय-समय पर अलग-अलग यूनिट्स में स्टाफिंग लेवल को एडजस्ट किया जाता है।'

भारत में मौजूदगी बरकरार रहेगी

फिडेलिटी इन्वेस्टमेंट्स का भारत में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) है। इसमें बेंगलुरु और चेन्नई स्थित दफ्तरों में लगभग 6,500 कर्मचारी हैं। ये सेंटर टेक्नोलॉजी, ऑपरेशंस, एनालिटिक्स और रिसर्च जैसे काम में ग्लोबल टीम को सपोर्ट करते हैं।

प्रवक्ता ने आगे कहा, 'हम भारत समेत अलग-अलग देशों में अब भी नई हायरिंग कर रहे हैं, ताकि ग्राहकों को बेहतर सेवा और उत्पाद मिलते रहें। भारत में हमारा हेडकाउंट स्थिर रहेगा और हमारी दो दशक पुरानी मौजूदगी बनी रहेगी।'

बदलते ग्लोबल ट्रेंड का असर

यह रीस्ट्रक्चरिंग ऐसे समय में हो रही है, जब कई मल्टीनेशनल कंपनियां वैश्विक स्तर पर अपने टैलेंट डिस्ट्रीब्यूशन की समीक्षा कर रही हैं। इसके पीछे व्यापार, टेक्नोलॉजी, और व्यापक आर्थिक स्थितियों में हो रहे बदलाव बड़ी वजह हैं।

जनरेटिव AI का प्रभाव

जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Gen AI) की तेजी से बढ़ती स्वीकार्यता ने भी कई पदों को गैरजरूरी बना दिया है। Layoffs.fyi के अनुसार, 2025 में अब तक 160 से अधिक टेक कंपनियों में 80,000 से ज्यादा कर्मचारियों की छंटनी हो चुकी है। 2024 में यह आंकड़ा 1.5 लाख था।

GCC की अहमियत क्या है?

GCC यानी ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स वे ऑफशोर यूनिट्स होते हैं। इन्हें मल्टीनेशनल कंपनियां अपने अलग-अलग बिजनेस प्रोसेस को हैंडल करने के लिए स्थापित करती हैं। भारत में ऐसे कई सेंटर वर्षों से ग्लोबल कंपनियों की बैकबोन के रूप में काम कर रहे हैं।

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