भारत के सबसे उम्रदराज अरबपति और महिंद्रा ग्रुप के पूर्व चेयरमैन केशब महिंद्रा का निधन, 99 साल की उम्र में ली आखिरी सांस

महिंद्रा ग्रुप के पूर्व चेयरमैन केशब महिंद्रा का बुधवार सुबह निधन हो गया। वह 99 साल के थे। उन्होंने 2012 में अपने भतीजे आनंद महिंद्रा को कंपनी की कमान सौंपी थी। केशब महिंद्रा 1.2 बिलियन डॉलर की संपत्ति के साथ देश के सबसे उम्रदराज भारतीय अरबपति थे। केशब महिंद्रा, फिलहाल महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) के चेयरमैन एमेरिटस थे

अपडेटेड Apr 12, 2023 पर 4:10 PM
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केशब महिंद्रा, फिलहाल महिंद्रा एंड महिंद्रा (Mahindra & Mahindra) के चेयरमैन एमेरिटस थे

भारत के सबसे उम्रदराज अरबपति और महिंद्रा एंड महिंद्रा के पूर्व चेयरमैन केशब महिंद्रा (Keshub Mahindra) का बुधवार सुबह निधन हो गया। वह 99 साल के थे। महिंद्रा परिवार के एक करीबी व्यक्ति ने बताया कि केशव महिंद्रा ने आज सुबह घर पर ही अंतिम सांस ली। वह 1947 में कंपनी में शामिल हुए थे और 1963 में इसके चेयरमैन बन गए थे। उन्होंने 2012 में अपने भतीजे आनंद महिंद्रा को कंपनी की कमान सौंपी थी। उद्योगपति आनंद महिंद्रा (Anand Mahindra) के चाचा केशब महिंद्रा 1.2 बिलियन डॉलर की संपत्ति के साथ देश के सबसे उम्रदराज भारतीय अरबपति थे।

हाल ही में अमेरिकी मैगजीन फोर्ब्स द्वारा जारी की गई अरबपतियों की लिस्ट में केशब महिंद्रा का नाम भी शामिल किया गया था। केशब महिंद्रा, फिलहाल महिंद्रा एंड महिंद्रा (Mahindra & Mahindra) के चेयरमैन एमेरिटस थे।

कौन थे केशब महिंद्रा?


केशब महिंद्रा 1963 से 2012 तक महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन के रूप में कार्य किया। महिंद्रा के लगभग 50 साल के कार्यकाल के दौरान उन्होंने फर्म को भारत में विलीज जीप के एक असेंबलर से एक ग्रुप में बदल दिया। महिंद्रा एंड महिंद्रा अब अपनी SUV और ट्रैक्टरों के लिए प्रसिद्ध है।

महिंद्रा उद्योगपति के साथ एक प्रसिद्ध परोपकारी व्यक्ति थे। वह विभिन्न प्रतिष्ठित समितियों और संगठनों का भी हिस्सा थे। सरकार ने उन्हें सेंट्रल एडवाइजरी काउंसिल ऑफ इंडस्ट्रीज, सच्चर कमीशन ऑन कंपनी लॉ एंड एमआरटीपी जैसी कई समितियों में काम करने के लिए नियुक्त किया था।

2012 में हुए रिटायर

वह अगस्त 2012 में रिटायर हो गए थे। उन्हें अच्छे कॉर्पोरेट प्रशासन और नैतिकता के लिए जाना जाता है। 2007 में उन्हें अर्न्स्ट एंड यंग द्वारा लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया था। केशब महिंद्रा को केंद्र सरकार ने कई कमेटियों में सेवा देने के निए नियुक्त किया था। महिंद्रा 2004 से 2010 तक पीएम की ट्रेड और इंडस्ट्री काउंसिल का हिस्सा थे।

महिंद्रा ने 1947 में अपने पिता की कंपनी में काम करना शुरू किया था। उस वक्त महिंद्रा ग्रुप का मुख्य कारोबार ऐतिहासिक विलिस जीप्स (Willys Jeeps) बनाना था। फिलहाल, महिंद्रा ग्रुप एक डायवर्सिफाइड कारोबारी ग्रुप है, जिसका कारोबार ऑटोमोबाइल से लेकर डिफेंस, एनर्जी, सॉफ्टवेयर सर्विसेज, हॉस्पिटैलिटी और रियल एस्टेट तक फैला हुआ है।

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2012 में नेतृत्व की जिम्मेदारियों से हटने के बाद, केशब महिंद्रा परोपकारी कार्यों से जुड़ गए। उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में काफी योगदान दिया है। उन्होंने केसी महिंद्रा एजुकेशन ट्रस्ट के साथ मिलकर काम किया, जो कई कैटेरगी में छात्रवृत्ति प्रदान करता है।

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