Free trade agreement : सरकार जल्द ही यूरोप के अन्य देशों के साथ फ्री ट्रेंड एग्रीमेंट (FTA) की कोशिश में है। सरकार की FTA के लिए स्वीडन के साथ बातचीत जारी है। ये पूरी खबर बताते हुए सीएनबीसी-आवाज के लक्ष्मण रॉय ने बताया कि स्विडन के साथ FTA जल्द संभव है। EU के साथ FTA पर बातचीत में तेजी लाई जा रही है। स्वीडन EU के साथ जल्द FTA के पक्ष में है। कॉमर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल का स्वीडन दौरे पर हैं। पीयूष गोयल स्वीडन की फॉरेन ट्रेड मिनिस्टर से मिले हैं।
पीयूष गोयल स्वीडन की फॉरेन ट्रेड मिनिस्टर से स्वीडन के भारत की बड़ी कंपनियों में निवेश पर चर्चा हुई है। भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में स्वीडन की दिलचस्पी है। स्वीडन ने कहा है कि भारत में निवेश नियम आसान करने की जरूरत है। भारत और यूरोप में नॉन-टैरिफ दिक्कतें दूर करने जोर होना चाहिए।
बताते चलें की CNBC AWAAZ से हाल में ही हुई एक खास बातचीत में वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा था कि यूरोपीय देशों से होने वाले फ्री ट्रेंड एग्रीमेंट से भारत में 40 लाख करोड़ का निवेश होगा और 50 लाख नौकरियों के मौके पैदा होंगे। भारत में बना हुआ सामान दूसरे देशों में पहुंचाना ही सरकार का मकसद है। देश में रोजगार के मौके पैदा करना भी FTA का मकसद है।
गौरतलब है कि भारत इंग्लैंड के साथ फ्री ट्रेड करार कर चुका है। इसके साथ ही यूरोप के चार और देशों स्विट्जरलैंड, नॉर्वे, आइसलैंड और Liechtenstein के साथ भी फ्री ट्रेड करार हुआ है। इन चारों देशों के साथ हुए करार सितंबर से लागू होंगे। स्विट्जरलैंड के साथ हुए करार के लागू होने से स्विट्जरलैंड के करीब 94 फीसदी ज्यादा सामानों पर और इन 4 देंशों के मिला दिया जाए तो 85 फीसदी से ज्यादा सामानों पर भारत में कोई इंपोर्ट ड्यूटी नहीं लगेगी।