निवेशकों ने 2023 में अपनी मुठ्ठी कस ली है और उन स्टार्टअप्स में चेरी पिकिंग (खराब को छांट कर अच्छे अपने पास रखना) शुरू कर दी जिनमें उन्होंने फंडिंग की थी। नतीजा यह हुआ कि हज़ारों कंपनियों को जो अपने अस्तित्व के लिए पूरी तरह से वेंचर पूंजी पर निर्भर थीं अपनी दुकानें बंद करनी पड़ीं हैं। अन्य को वित्तीय गड़बड़ी या नए नियमों के कारण कामकाज बंद करना पड़ा।
