LM Wind Power Layoffs: जनरल इलेक्ट्रिक (GE) अपने रिन्यूएबल कारोबार LM Wind Power में विभिन्न फंक्शंस और जियोग्राफीज में 1,000 लोगों की छंटनी करने की तैयारी में है। कंपनी के अंदरूनी सूत्रों ने कहा है कि इस कदम से कंपनी के भारतीय कर्मचारियों पर भी असर पड़ सकता है। आने वाले हफ्तों में नौकरियों में कटौती शुरू होने का अनुमान है। जनरल इलेक्ट्रिक में लागत में कटौती पर विचार-विमर्श इस साल जनवरी में तब शुरू हुआ, जब GE रिन्यूएबल एनर्जी के एलएम विंड पावर कारोबार के सीईओ ओलिवियर फॉन्टन ने कर्मचारियों को बताया कि कंपनी आने वाले महीनों में जीई वर्नोवा के अंदर एक छोटा और अधिक लाभदायक डिवीजन बनने की योजना बना रही है।
फॉन्टन ने 22 जनवरी को एक ईमेल में कर्मचारियों को बताया था, 'जैसा कि आप सभी जानते हैं, विंड इंडस्ट्रीज प्रतिस्पर्धी रिन्यूएबल एनर्जी को लाभदायक तरीके से डिलीवर करना जारी रखने के लिए एक कठिन लड़ाई लड़ रहा है। बाजार की चुनौतियों के कारण, हमें अपनी प्रतिस्पर्धात्मकता फिर से हासिल करने के लिए अपने स्ट्रक्चर को विकसित करना जरूरी है।' उन्होंने आगे कहा, 'हालांकि हम इस स्तर पर प्रस्तावों की डिटेल शेयर नहीं कर सकते हैं, लेकिन अगर इन्हें लागू किया जाता है तो इन प्रस्तावों का असर वैश्विक स्तर पर लगभग 1,000 रोल्स में कटौती के रूप में सामने आ सकता है, मुख्य रूप से ग्लोबल फंक्शंस में।'
2017 में खरीदी थी LM विंड पावर
GE ने साल 2017 में 1.65 अरब डॉलर में डेनमार्क स्थित LM विंड पावर को खरीदा था। एलएम विंड पावर, जो मुख्य रूप से पवन टर्बाइंस के लिए रोटर ब्लेड बनाती है, जीई वर्नोवा का एक हिस्सा है। अधिक कुशल कारोबार बनने की अपनी योजना के हिस्से के रूप में, एलएम विंड पावर पूरी तरह से बाहरी ग्राहकों पर ध्यान केंद्रित करेगी। कंपनी के अंदरूनी सूत्रों ने कहा कि छंटनी का असर भारत के कर्मचारियों पर भी पड़ेगा।
कंपनी की डेनमार्क, स्पेन, पोलैंड, कनाडा, चीन, भारत, ब्राजील, संयुक्त राज्य अमेरिका और कई अन्य देशों में उपस्थिति है। एलएम विंड पावर की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इसने 2007 में भारत में कारोबार शुरू किया और देश में इसके 200 से अधिक इंजीनियर हैं। यहां तक कि भारत में इसकी दो ब्लेड फैक्ट्रियां भी हैं, जो कंपनी के लिए एक प्रमुख बाजार है।