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Godrej Family Split: गोदरेज परिवार में 127 साल बाद बंटवारा, आदि और नादिर को मिली लिस्टेड कंपनियां, चचेरे भाई-बहन को अनलिस्टेड कंपनी और जमीनें

Godrej Family Split: देश के सबसे बड़े कॉरपोरेट घरानों में से एक गोदरेज परिवार में बंटवारा होने जा रहा है। परिवार ने गोदरेज ग्रुप को 2 भागों में बांटने के लिए एक समझौता किया है। इस समझौते के तहत आदि और भाई नादिर गोदरेज के पास ग्रुप की लिस्टेड कंपनियां होंगी। वहीं चचेरे भाई-बहन जमशेद और स्मिता को अन-लिस्टेड कंपनियों और लैंड बैंक (भूखंड) का नियंत्रण मिलेगा

Moneycontrol Newsअपडेटेड May 01, 2024 पर 4:09 PM
Godrej Family Split: गोदरेज परिवार में 127 साल बाद बंटवारा, आदि और नादिर को मिली लिस्टेड कंपनियां, चचेरे भाई-बहन को अनलिस्टेड कंपनी और जमीनें
Godrej Family Split: 127 साल पुराने गोदरेज ग्रुप का कारोबार दो हिस्सो में बंटेगा

Godrej Family Split: देश के सबसे बड़े कॉरपोरेट घरानों में से एक गोदरेज परिवार में बंटवारा होने जा रहा है। परिवार ने गोदरेज ग्रुप को 2 भागों में बांटने के लिए एक समझौता किया है। इस समझौते के तहत आदि और भाई नादिर गोदरेज के पास ग्रुप की लिस्टेड कंपनियां होंगी। वहीं चचेरे भाई-बहन जमशेद और स्मिता को अन-लिस्टेड कंपनियों और लैंड बैंक (भूखंड) का नियंत्रण मिलेगा। गोदरेज ग्रुप ने शनिवार देर शाम को स्टॉक एक्सचेंजों को भेजी एक सूचना में यह जानकारी दी। समझौते में गोदरेज ग्रुप ने रॉयल्टी, ब्रांड के इस्तेमाल और लैंड बैंक के डेवलपमेंट से जुड़े मुद्दों को भी सुलझाया गया है।

127 साल पुराने गोदरेज ग्रुप का कारोबार साबुन से लेकर घरेलू इक्विपमेंट बनाने और रियल एस्टेट तक फैला हुआ है। समझौते में कहा गया है, "आपसी सम्मान, सद्भावना, दोस्ती और सामंजस्य को बनाए रखने और परिवार की प्रत्येक शाखाओं की आंकाक्षाओं और विविध रणनीतियों को पूरा करने के लिए, परिवार की शाखाओं के बीच एक फैमिली सेटलमेंट एग्रीमेंट (FSA) पर सहमति बनी है।"

गोदरेज ग्रुप की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक, ग्रुप को गोदरेज परिवार की दो शाखाओं के बीच विभाजित किया गया है। इसमें एक तरफ आदि गोदरेज (82) और उनके भाई नादिर (73) तथा दूसरी तरफ उनके चचेरे भाई-बहन जमशेद गोदरेज (75) और स्मिता गोदरेज कृष्णा (74) हैं। समझौते के तहत, आदि गोदरेज और उनके भाई नादिर को गोदरेज इंडस्ट्रीज का अधिकार मिला है, जिसकी पांच सूचीबद्ध कंपनियां हैं। वहीं जमशेद और स्मिता को गैर-सूचीबद्ध कंपनी, गोदरेज एंड बॉयस और उससे संबंधित कंपनियों के साथ-साथ मुंबई में अहम प्रॉपर्टी सहित बड़ा भूखंड मिल रहा है।

गोदरेज परिवार ने बयान में कहा कि बंटवारे के बाद अब गोदरेज कंपनियों में शेयरहोल्डिंग का पुनगर्ठन हो सकता है। बयान में कहा गया कि दोनों समूह गोदरेज ब्रांड का इस्तेमाल करना जारी रखेंगे और अपनी साझा विरासत को बढ़ाने और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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