Job Cuts at Google: दिग्गज सर्च इंजन कंपनी गूगल (Google) नौकरियों में कटौती कर सकती है। सीईओ सुंदर पिचाई (Sundar Pichai) ने इसे लेकर संकेत दिए हैं कि अगर कंपनी की प्रोडक्टिविटी 20 फीसदी और मजबूत नहीं होती है तो जॉब में कटौती हो सकती है। इससे कुछ हफ्ते पहले गूगल के एग्जेक्यूटिव्स ने अपने कर्मियों को या तो कठिन मेहनत करने या कंपनी छोड़ देने की चेतावनी दी थी। गूगल के कर्मियों पर अगली तिमाही की कमाई के नतीजे उम्मीद के मुताबिक करने का दबाव है।
ऐसे बढ़ाएगी Google अपनी प्रोडक्टिविटी
सीएनबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक पिचाई ने लॉस एंजेलेस में कोड कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए जानकारी दी थी कि कंपनी आर्थिक अनिश्चितता और विज्ञापन खर्चों में सुस्ती से कैसे निपटेगी। पिचाई ने कहा कि मैक्रोइकनॉमिक परफॉर्मेंस विज्ञापनों पर खर्च, कंज्यूमर स्पेंड इत्यादि से जुड़ा हुआ है। पिचाई के मुताबिक जैसे-जैसे कंपनी में कर्मियों की संख्या बढ़ी, यह सुस्त होती गई जबकि मैक्रोइकनॉमिक फैक्टर उसके नियंत्रण के बाहर है। अब ऐसे में पिचाई का कहना है कि अब ऐसे कर्मियों की ही कंपनी को जरूरत है जो इसकी उत्पादकता को बढ़ा सकें।
इसके लिए उन्होंने यूट्यूब म्यूजिक (YouTube Music) और गूगल प्ले म्यूजिक (Google Play Music) को मिलाकर एक प्रोडक्ट बनाने के उदाहरण के जरिए अपनी योजना का खाका भी बताया। इसके अलावा एक और तरीके से कंपनी की प्रोडक्टिविटी को बढ़ाया जा सकता है, जैसे कि कुछ फैसले तीन लोग लेते हैं तो इसे घटाकर दो या एक कर्मी तक किया जा सकता है।
नतीजे बेहतर नहीं रहे तो हो सकती है भारी छंटनी
पिछले महीने गूगल ने अपने कर्मियों को मेल भेजा था कि अब सेल्स की प्रोडक्टिविटी और सामान्य स्थिति में प्रोडक्टिविटी की पूरी जांच होगी और अगर अगली तिमाही के नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं रहते हैं तो भारी छंटनी हो सकती है। नतीजे उम्मीद से बेहतर न रहने की स्थिति में कार्रवाई को लेकर गूगल ने मेल में 'ब्लड ऑन द स्ट्रीट्स' फ्रेज का इस्तेमाल किया है। इससे पहले पिचाई में जुलाई में अपने कर्मियों को प्रोडक्टिविटी बढ़ाने को कहा था ताकि बेहतर रिजल्ट जल्द हासिल किए जा सकें।