Windfall Tax: सरकार ने डीजल और ATF के एक्सपोर्ट पर बढ़ाया विंडफाल टैक्स, क्रूड ऑयल पर घटाया सेस

सरकार ने क्रूड ऑयल पर सेस घटाकर अब 13,000 रुपये प्रति टन कर दिया है, जो पहले 17,750 रुपये प्रति टन था

अपडेटेड Aug 19, 2022 पर 8:29 AM
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सरकार हर पखवाड़े विंडफाल टैक्स की समीक्षा करती है

भारत सरकार ने गुरुवार 18 अगस्त को ऑयल कंपनियों पर लगाए विंडफाल टैक्स (Windfall Tax) की तीसरी समीक्षा की। इस दौरान सरकार ने जहां देश में ही उत्पादित होने वाले क्रूड ऑयल (Crude Oil) पर सेस घटाने का फैसला किया। वहीं डीजल (Diesel) के एक्सपोर्ट पर टैक्स 5 रुपये से बढ़ाकर 7 रुपये प्रतिलीटर और हवाई जहाज में इस्तेमाल होने वाले एविशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के एक्सपोर्ट पर टैक्स शून्य से बढ़ातर 2 रुपये प्रति लीटर करने का फैसला किया।

सरकार ने क्रूड ऑयल पर सेस घटाकर अब 13,000 रुपये प्रति टन कर दिया है, जो पहले 17,750 रुपये प्रति टन था। बता दें कि केंद्र सरकार हर पखवाड़े विंडफाल टैक्स की समीक्षा करती है। इससे पहले पिछले महीने हुए एक समीक्षा बैठक में सरकार ने ATF के एक्सपोर्ट पर विंडफाल टैक्स हटाकर शून्य कर दिया था।

क्या होता है विंडफाल टैक्स

विंडफाल टैक्स का मतलब अप्रत्याशित लाभ पर लगाए जाने वाले टैक्स से है। यह टैक्स किसी कंपनी पर तब लगाया जाता है जब कंपनी को किसी अप्रत्याशित कारण से अचानक ही बहुत ज्यादा मुनाफा हो जाता है। उदाहरण के लिए यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद से अचानक ही अंतरराष्ट्रीय मार्केट में क्रूड ऑयल और गैस की कीमतें काफी बढ़ गई थीं। इससे ऑयल कंपनियों को अप्रत्याशित रूप से भारी मुनाफा बनाने में मदद मिली थी, जिसके बाद भारत सरकार ने इस मुनाफे पर विंडफॉल टैक्स लगाने का फैसला किया था।


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1 जुलाई को लगाया था टैक्स

1 जुलाई को पेट्रोल और एटीएफ पर 6 रुपये लीटर (12 डॉलर प्रति बैरल) एक्सपोर्ट ड्यूटी और डीजल के एक्सपोर्ट पर 13 रुपये प्रति लीटर (26 डॉलर प्रति बैरल) टैक्स लगा दिया गया था। सरकार ने महंगाई को कंट्रोल में करने और स्थानीय स्तर पर पर्याप्त सप्लाई बनाए रखने के लिए घरेलू क्रूड प्रोडक्शन पर 23,250 रुपये प्रति टन (40 डॉलर प्रति बैरल) विंडफाल टैक्स लगाया था।

दूसरी मीटिंग में घटाया था टैक्स

हालांकि, 20 जुलाई को हुई पहली रिव्यू मीटिंग में केंद्र ने घरेलू स्तर पर निकाले गए क्रूड पर टैक्स घटाकर 17,000 रुपये प्रति टन कर दिया था। साथ ही सरकार ने पेट्रोल पर 6 रुपये प्रति लीटर की एक्सपोर्ट ड्यूटी खत्म कर दी थी और डीजल के एक्सपोर्ट और एटीएफ पर टैक्स 2 रुपये घटाकर क्रमशः 11 रुपये और 4 रुपये कर दिया था।

2 अगस्त को हुई रिव्यू मीटिंग में क्रूड के एक्सपोर्ट पर टैक्स बढ़ाकर 17,750 रुपये प्रति टन और डीजल की शिपमेंट पर विंडफाल टैक्स 5 रुपये प्रति लीटर सीमित कर दिया था। वहीं, एटीएफ पर टैक्स खत्म कर दिया गया था।

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