गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) कलेक्शन मई महीने में मासिक आधार पर 16 फीसदी घटकर 1.41 लाख करोड़ रुपये रहा। पिछले महीने यानी अप्रैल में जीएसटी कलेक्शन 1.68 लाख करोड़ रुपये रहा था, जो इसका अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को जारी आंकड़ों में यह जानकारी दी। हालांकि मई 2021 की तुलना में इस साल मई में जीएसटी कलेक्शन 44 फीसदी बढ़ा है।
वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "मई महीने में कलेक्शन हमेशा से अप्रैल महीने से कम दर्ज होता रहा है। अप्रैल महीने से वित्त वर्ष की शुरुआत होती है और मई महीने का कलेक्शन अप्रैल महीने के रिटर्न से जुड़ा होता है।" मंत्रालय ने आगे कहा, "हालांकि इसके बावजूद यह देखना सुखद है कि मई 2022 में ग्रॉस GST कलेक्शन 1.40 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े से अधिक रहा है।"
मई के कुल जीएसटी कलेक्शन में, 25,036 करोड़ रुपये सेंट्रल GST का, 32001 करोड़ रुपये स्टेट GST का, 73345 करोड़ रुपये इंटीग्रेटेड GST का और 10,502 करोड़ रुपये कॉम्पेनसेशन सेस का हिस्सा रहा है।
मई महीने में सरकार ने इंटीग्रेटेड GST में से 27,924 करोड़ रुपये सेंट्रल जीएसटी में और 23,123 करोड़ रुपये स्टेट जीएसटी में निपटान किया। इस तरह सेटलमेंट के बाद बाद मई महीने में सेंट्रल जीएसटी से कुल कलेक्शन 52,960 करोड़ रुपये और स्टेट जीएसटी का कुल कलेक्शन 55,124 करोड़ रुपये रहा।
जुलाई 2017 में GST सिस्टम लागू होने के बाद से यह चौथा मौका है जब मंथली GST कलेक्शन 1.40 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा है। वित्त मंत्रालय के मुताबिक, अप्रैल में कुल 7.4 करोड़ ई-वे बिल निकाले गए, जो मार्च के 7.7 करोड़ ई-वे बिल से करीब 4 फीसदी कम है।
बता दें कि यह लगातार 11वां महीना है जब जीएसटी कलेक्शन 1 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े से अधिक रहा है। पिछले एक साल के जीएसटी कलेक्शन के आंकड़े को आप नीचे दी तालिका में देख सकते हैं-