HCL Group सेमीकंडक्टर बिजनेस में उतरना चाहता है। इकोनॉमिक टाइम्स ने 19 जुलाई को यह खबर दी है। इसमें कहा गया है कि यह ग्रुप सरकार को जल्द एक प्रस्ताव सौंपेगा। इसमें सेमीकंडक्टर्स के लिए एसेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग और पैकेजिंग (ATMP) फैसिलिटी लगाने का प्लान होगा। इस प्रोजेक्ट पर 20-30 करोड़ डॉलर का निवेश हो सकता है। एचसीएल के सीनियर ऑफिसर्स के मुताबिक, यह प्रोजेक्ट एचसीएल ग्रुप का होगा न कि HCL Tech का। एचसीएल टेक HCL Group की सॉफ्टवेयर कंपनी है।
SOP के लिए जल्द अप्लाई करेगा HCL Group
ईटी की खबर में कहा गया है कि एचसीएल ग्रुप सरकार के 10 अरब डॉलर के सेमीकंडक्टर इंसेंटिव प्रोग्राम के तहत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर्स (SOP) के लिए अप्लाई करेगा। इस स्कीम के तहत केंद्र और राज्य सरकारें सब्सिडी देती हैं। यह सेमीकंडक्टर फैसिलिटी लगाने पर होने वाले खर्च का 75 फीसदी तक हो सकता है। इससे पहले Micron ने जुलाई की शुरुआत में गुजरात में सेमीकंडक्टर यूनिट लगाने का ऐलान किया था। इस यूनिट पर काम अगले महीने शुरू हो जाने की उम्मीद है।
अमेरिका की माइक्रोन गुजरात में लगा रही प्लांट
माइक्रोन ने कहा है कि वह गुजरात के साणंद में आउटसोर्स्ड एसेंबली एंड टेस्ट (OSAT) फैसिलिटी लगाने पर 82.5 करोड़ डॉलर निवेश करेगी। इस प्रोजेक्ट पर कुल निवेश 2.75 अरब डॉलर का होगा। माइक्रोन केंद्र और राज्य सरकार के साथ मिलकर यह प्रोजेक्ट लगा रही है। माना जा रहा है कि इससे देश में चिप मैन्युफैक्चरिंग की सरकार की कोशिशों को बढ़ावा मिलेगा। पिछले दो साल में इंडिया में सेमीकंडक्टर सेक्टर अच्छी ग्रोथ दिखा रहा है। केंद्र की नरेंद्र मोदी की सरकार इंडिया में दुनिया का सबसे बड़ा सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम बनाना चाहती है।
सेमीकॉन इंडिया प्रोग्राम के लिए 76,000 करोड़ का आवंटन
केंद्र सरकार ने दिसंबर 2021 में इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) के तहत महत्वाकांक्षी सेमीकॉन इंडिया प्रोग्राम का ऐलान किया था। इसके तहत इंडिया में सेमीकंडक्टर्स और डिस्प्ले मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम बनाने की कोशिशों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस प्रोग्राम के लिए सरकार ने 76,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया है। इंडस्ट्री की फीडबैक के बाद इस प्रोग्राम में सितंबर 2022 में बदलाव किया गया था। उसके बाद से 'मोडिफायड सेमीकॉन इंडिया प्रोग्राम' के रूप में लॉन्च किया गया था।
दुनियाभर की कंपनियां इंडिया में निवेश में दिखा रही दिलचस्पी
एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह इंडिया में सेमीकंडक्टर बेस को मजबूत बनाने के लिए सही समय है। दुनियाभर में सेमीकंडक्टर की सप्लाई की कमी देखने को मिली है। दुनियाभर की चिप बनाने वाली कंपनियां इंडिया में अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स लगाने में दिलचस्पी दिखा रही हैं। एचसीएल ग्रुप के सेमीकंडक्टर बिजनेस में उतरने के प्लान को उसकी ऑर्गेनिक ग्रोथ स्ट्रेटेजी का हिस्सा माना जा रहा है।