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HDFC Bank ने एंप्लॉयी स्टॉक ऑप्शन प्लान में किया बदलाव

एचडीएफसी बैंक ने इससे पहले नॉमिनेशन एंड रेम्यूनरेशन कमेटी का नाम बदलकर गवर्नेंस, नॉमिनेशन एंड रेम्यूनरेशन कमेटी (जीएनआरसी) किया गया था, जो 30 अक्तूबर 2025 से लागू हो गया था। नए बदलाव के तहत जीएनआरसी के पास आरएसयू के बारे में फैसले लेने की अथॉरिटी होगी

MoneyControl Newsअपडेटेड Apr 18, 2026 पर 6:31 PM
HDFC Bank ने एंप्लॉयी स्टॉक ऑप्शन प्लान में किया बदलाव
एचडीएफसी बैंक ने 18 अप्रैल को मार्च तिमाही के नतीजों का ऐलान किया।

एचडीएफसी बैंक ने 18 अप्रैल को एंप्लॉयी स्टॉक ऑप्शन प्लान (ईसॉप) में बदलाव का ऐलान किया। इसमें अप्रैल 2022 में बदलाव किया गया था। रेस्ट्रिक्टेड स्टॉक यूनिट्स (आरएसयू) के मामले में गवर्नेंस, नॉमिनेशन और रेम्यूनरेशन कमेटी (जीएनआरसी) की शक्तियां बढ़ गई थी। नॉमिनेशन एंड रेम्यूनरेशन कमेटी का नाम बदलकर गवर्नेंस, नॉमिनेशन एंड रेम्यूनरेशन कमेटी (जीएनआरसी) किया गया था, जो 30 अक्तूबर 2025 से लागू हो गया था।

आरएसयू इक्विटी कंपनसेशन का एक तरीका है, जिसमें एंप्लॉयर्स एंप्लॉयीज को कंपनी के शेयर देने का वादा करते हैं। इसके साथ वेस्टिंग पीरियड की कुछ शर्तें जुड़ी होती है। इन शर्तों में परफॉर्मेंस के टारगेट और सर्विस के साल शामिल होते हैं। वेस्टिंग पर इस पर सामान्य इनकम की तरह टैक्स लगता है।

नए बदलाव के तहत जीएनआरसी के पास आरएसयू के बारे में फैसले लेने की अथॉरिटी होगी। इसमें कैंसिलेशन, फॉर्फिचर या वेस्टिंग राइट्स में बदलाव शामिल होंगे। ये किसी डिस्पिलनरी कमेटी की रिपोर्ट पर आधारित होंगे। यह ऐसे मामलों में लागू होगा जब एंप्लॉयी के खिलाफ किसी तरह की डिसिप्लीन प्रोसिडिंग्स चलेगी। पहले के नियम में कहा गया है कि आरएसयू का ट्रीटमेंट सिर्फ एंप्लॉयमेंट के टर्मिनेशन या मौत या स्थायी विकलांगता की स्थिति में लागू होगा।

एचडीएफसी बैंक ने ग्रांटेड आरएसयू की शर्तों में भी बदलाव किया है। एंप्लॉयमेंट स्टेटस जैसे सबैटिकल या दूसरे एप्रूव्ड लीव को आरएसयू ग्रांट के लिए अतिरिक्त शर्त के रूप में विचार किया जाएगा। बैंक ने ईसॉप के तहत ग्रांट होने वाले आरएसयू की मैक्सिमम संख्या में भी बदलाव किया है।

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